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National Herald case में नया मोड़, ED ने गांधी परिवार पर लगाया ₹142 करोड़ की ‘अपराध की आय' के इस्तेमाल का आरोप

National Herald case: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में गांधी परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 21 मई को अदालत को बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ₹142 करोड़ की 'अपराध की आय' (proceeds of crime) का लाभ उठाया है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने अदालत को बताया कि नवंबर 2023 तक आरोपी 'अपराध की आय' का लाभ ले रहे थे। इसी अवधि में ईडी ने नेशनल हेराल्ड से जुड़ी ₹751.9 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया था।

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National Herald case: 'अपराध की आय' केवल संपत्ति तक सीमित नहीं, ED

ईडी के विशेष अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने अदालत को बताया कि "अपराध की आय" का मतलब केवल उस संपत्ति से नहीं है जो मूल अपराध (Scheduled Offence) से प्राप्त हुई हो, बल्कि वह आय भी इसमें शामिल है जो किसी भी तरह से उस अपराध से 'जुड़ी हुई' हो।

उन्होंने यह भी कहा कि "प्रारंभिक अपराध" (predicate offence) को लेकर पहले ही संज्ञान लिया जा चुका है। हुसैन ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा ने विश्वासघात (breach of trust) का अपराध किया है। जोहेब हुसैन ने अदालत को बताया कि गांधी परिवार (सोनिया और राहुल) 'यंग इंडियन' कंपनी के 76% हिस्सेदार थे।

National Herald case: ₹50 लाख के बदले मिली ₹90.25 करोड़ की संपत्ति

ईडी ने अदालत को जानकारी दी कि यंग इंडियन कंपनी ने केवल ₹50 लाख का भुगतान करके एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से ₹90.25 करोड़ मूल्य की संपत्ति प्राप्त की। एजेंसी ने कहा कि यह पूरा लेन-देन एक 'प्राथमिक दृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग' (prima facie money laundering) का मामला बनाता है।

ईडी के अनुसार, गांधी परिवार और अन्य आरोपी न केवल अवैध रूप से संपत्ति प्राप्त करने में शामिल थे, बल्कि इस संपत्ति को लंबे समय तक अपने पास रखकर मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया को जारी भी रखा।

इस मामले में बीजेपी नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत के आधार पर ईडी ने 2021 में जांच शुरू की थी। गौरतलब है कि स्वामी ने 26 जून 2014 को एक मजिस्ट्रेट अदालत में FIR दर्ज करवाई थी, जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी। अब अदालत ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह इस केस की चार्जशीट की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को प्रदान करे।

National Herald case: अदालत में अगली सुनवाई की तैयारी

यह सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई, जहां दो सप्ताह पहले भी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों की पेशी हो चुकी है। उस समय अदालत ने कहा था कि ईडी की चार्जशीट में मौजूद सभी तकनीकी खामियों को अब दूर कर लिया गया है।

अदालत अब यह विचार कर रही है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत एक संयुक्त नोटिस जारी किया जाए या नहीं।

What is National Herald case:क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

नेशनल हेराल्ड केस का मूल विवाद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन कंपनी के बीच हुए लेन-देन को लेकर है। आरोप है कि कांग्रेस पार्टी ने यंग इंडियन के माध्यम से एजेएल की संपत्तियों को बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर कर दिया, जो कि कानूनन गलत था। यह संपत्तियां देशभर के कई बड़े शहरों में स्थित हैं और इनका मूल्य सैकड़ों करोड़ रुपये में है।

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कोर्ट में पेश किए गए नए तथ्यों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एक बार फिर से सियासी हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर गांधी परिवार इस मामले को 'राजनीतिक प्रतिशोध' बता रहा है, वहीं ईडी के अनुसार उनके पास ठोस वित्तीय सबूत हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग को साबित करते हैं।

अब यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और क्या सोनिया-राहुल समेत अन्य आरोपी औपचारिक रूप से आरोपित किए जाएंगे।

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