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Doctors' Day:कोरोना की दूसरी लहर में 800 डॉक्टरों की मौत, अब-तक 1500 की गई जान, IMA की अपील- Save The Saviours

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नई दिल्ली, 1 जुलाई: नेशनल डॉक्‍टर्स डे (राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस ) हर साल 01 जुलाई को भारत में मनाया जाता है। नेशनल डॉक्‍टर्स डे मनाने का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है और देशभर के डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ के सम्मान में ये दिन मनाया जाता है। यह दिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय के सम्मान में मनाया जाता है। इस साल के नेशनल डॉक्टर डे की थीम है- Save The Saviours. यानी जान बचाने वालों की जिंदगी बचाइए। कोरोना महामारी के इस वक्त में डॉक्टरों की अहमित लोगों को ज्यादा समझ आई है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात लोगों की जिंदगी बचाने में लगे हुए हैं। लेकिन इस कोरोना महामारी से 1500 डॉक्टरों की मौत हो गई है।

नेशनल डॉक्‍टर्स डे का इतिहास

नेशनल डॉक्‍टर्स डे का इतिहास

नेशनल डॉक्‍टर्स डे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय के सम्मान में मनाया जाता है। डॉ. बिधानचंद्र राय का जन्मदिन और पुण्यतिथि दोनों 1 जुलाई को है। डॉ. बिधानचंद्र राय फिजिशियन थे, उनका जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था और 1 जुलाई 1962 में 80 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई थी। डॉ. बिधान चंद्र रॉय एक एक महान चिकित्सक थे। मेडिकल क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 1961 में डॉ रॉय को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

    Coronavirus की दूसरी लहर में 800 डॉक्टर्स की मौत, अब-तक 1500 की गई जान | वनइंडिया हिंदी
    कोरोना की दूसरी लहर में 800 डॉक्टरों की हुई मौत

    कोरोना की दूसरी लहर में 800 डॉक्टरों की हुई मौत

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के मुताबिक, कोरोना वायरस की दूसरी लहर में अब तक 800 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर लोग बिहार और दिल्ली के थे। हालांकि अभी तक इस बात का डेटा सामने नहीं आया है कि मरने वाले इन 800 डॉक्टरों में से कितने लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज ली थी और कितनों को पहली खुराक मिली थी। हालांकि शुरुआती रिसर्च से पता चला है कि इनमें से कुछ डॉक्टरों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी और अधिकांश लोगों को पहली डोज मिली थी।

    IMA ने डॉक्टर डे पर कहा- Save The Saviours

    IMA ने डॉक्टर डे पर कहा- Save The Saviours

    आईएमए के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस की शुरुआत से अबतक कुल 1500 डॉक्टरों की महामारी की वजह से मौत हो चुकी है। आईएमए ने नेशनल डॉक्टर जे 2021 की थीम रखी है- Save The Saviours, जिसका मतलब है कि जान बचाने वालों की जिंदगी को बचाइए।

    आईएमए के महासचिव डॉ जयेश लेले ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा है कि ये रिसर्च कर रहे हैं कि हर राज्य से कोरोना की वजह से कितने डॉक्टरों की मौत हुई है। ये भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जान गंवाने वाले डॉक्टरों में से कितनों को वैक्सीनेट किया गया था।

    28 वर्ष से लेकर 89 साल तक के डॉक्टरों की हुई कोरोना से मौत

    28 वर्ष से लेकर 89 साल तक के डॉक्टरों की हुई कोरोना से मौत

    देश में कोविड-19 की वजह से जान गंवाने वाले डॉक्टरों में युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं। महाराष्ट्र के 28 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर की मौत कोरोना से हुई है। वहीं कर्नाटक की 34 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर, जो पांच महीने की गर्भवती थी, कोरोना के कारण दम तोड़ दिया। वहीं बिहार के 80 वर्षीय डॉक्टर और तेलंगाना के 96 वर्षीय रेडियोलॉजिस्ट की मौत भी कोरोना से हुई।

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    डॉ लेले ने कहा है कि हम उन आंकड़ों को भी देख रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा युवा डॉक्टरों की मौत हुई है। शुरुआती जांच से पता चला है कि युवा डॉक्टरों की मौत कोरोना मरीजों के, जो आईसीयू या सीसीयू में एडमिट थे, उनके इलाज के दौरान हाई वायरल लोड के संपर्क में आने से हुई है।

    English summary
    National Doctors Day 2021: 800 doctor dies in second wave total 1500 lost his lives ima says Save The Saviours
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