उमर अब्दुल्ला की राम माधव को चुनौती, हमारे पाक के इशारे पर सरकार बनाने का सबूत लेकर आएं
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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सूबे की राजनीतिक उठापटक को लेकर राज्यपाल और भाजपा पर निशाना साधा है। अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा नेता राम माधव कह रहे हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पाकिस्तान के इशारे पर सरकार बनाना चाहते हैं, अगर उनके पास इसके सबूत हैं तो सबके सामने रखें और सिर्फ ये गंदी राजनीति है तो राज्य की जनता से माफी मांगे। वहीं राजभवन की फैक्स मशीन ना चलने पर उमरने कहा कि ये पहली बार है जब एक फैक्स मशीन लोकतंत्र की मौत की वजह बनी है।

जम्हूरियत का मजाक बनाया, गला घोटा
राम माधव के पार्टी के पाक से कनेक्शन और राज्यपाल के सरकार बनाने का मौका देने पर विधायकों की खरीद फरोख्त के दावों पर गुरुवार को उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है। अब्दुल्ला ने कहा कि मैं चाहूंगा कि राज्यपाल इस बात के सबूत दें कि किन लोगों के विधायकों की खरीद फरोख्त में शामिल होने की उनको जानकारी है। उमर ने कहा कि राज्यपाल भवन की फैक्स मशीन हमारे सरकार बनाने के दावे की चिट्ठी आने पर काम नहीं करती, ये कमाल की मशीन है। फैक्श मशीन के जरिए कुछ लोग जम्हूरियत की मजाक बना रहे हैं।

राम माधव हमारा पाक से कनेक्शन बताएं
वहीं माधव को उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि ये आरोप लगातार पतली गली से निकल जाने की राजनीति मत कीजिए। ऐसे हमने बहुत देखे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि मेरी पार्टी का पाक से कनेक्शन बताना ना सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं का अपमान है, बल्कि उन लोगो का अपमान है, जिन्होंने मुल्क के लिए कुर्बानियां दी हैं। उमर ने कहा कि अगर राम माधव के पास सबूत नहीं हैं तो उनको माफी मांगनी होगी।

महबूबा ने किया था सरकार बनाने का दावा
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस और एनसी के सहयोग का दावा करते हुए राज्यपाल को चिट्ठी भेज सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जिसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि इससे विधायकों की खरीद फरोख्त होगी और राज्य में जो हालात हैं, उसमें एक स्थिर सरकार की जरूरत है। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधवने कहा कि पीडीपी और एनसी ने पिछले महीने स्थानीय निकाय चुनाव का बहिष्कार किया क्योंकि उनको सीमा पार से ऐसे निर्देश मिले थे। शायद उनको सीमा पार से फिर निर्देश मिला हो कि दोनों मिलकर राज्य में सरकार बनाएं।
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