मोदी ने कहा भारत के टुकड़े करने का पाप कांग्रेस ने किया
त्रिची। तमिलनाडु के त्रिची शहर में चल रही युवा रैली को संबोधित करने के लिये भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार पहुंच चुके हैं। लाल किले के आकार के स्टेज पर मोदी के साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह मौजूद हैं। हम आपके लिये लाये हैं लाइव अपडेट। साथ ही आव लाइव वीडियो भी नीचे देख सकते हैं।
नरेंद्र मोदी का भाषण: मोदी ने भाषण से पहले जम्मू-कश्मीर में एवं नैरोबी में हुए आतंकी हमले में मारे गये शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने सबसे पहले तमिलनाडु के युवाओं को रैली में आने के लिये धन्यवाद दिया। इसके बाद तमिल भाषा में युवाओं को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं को एक जुट होकर देश के लिये आगे आने के लिये कहा।
मोदी ने आगे कहा- तमिलनाडु में आने में मुझे इसलिये सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि यहां के लोग मेहनती होते हैं। उनके लिये कर्म स्थल ही पूजन स्थल है। तमिल न केवल दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा है, बल्कि इसमें साहित्य का संगम भी मिलता है। अपनी मेहनत की वजह से तमिलनाडु देश का सबसे तेजी से उन्नत कर रहा राज्य है। यहां से निकलने वाले उत्पाद न केवल देश में सर्वोत्तम होते हैं, बल्कि विश्व में भी उनका डंका है।
तमिल ने ही ई-मेल की खोज की। दुनिया की सभी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में जितने मास्टरमाइंड हैं, उनमें सबसे ज्यादा तमिलनाडु के हैं। तमिलनाडु और गुजरात दोनों में काफी समानताएं हैं। स्वतंत्रता संग्राम में तमिलनाडु और गुजरात दोनों ने अहम भूमिका निभाई। गांधी जी वहां से तो राजा जी यहां से थे। भारी संख्या में तमिल लोग गुजरात आकर बसे और उसे चमका दिया।
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मोदी ने कहा- गुजरात में एक मिनी तमिलनाडु मणिनगर में है, जो मेरा संसदीय क्षेत्र भी है। तमिलनाडु और गुजरात दोनों ही समुद्र तट से लगे हुए हैं। दोनों राज्यों की एक जैसी समस्याएं हैं। बार-बार खबरें आती हैं, मछुवारों को पाकिस्तान के सैनिक पकड़ ले गये, या श्रीलंका के सैनिक मछुवारों को ले गये। मित्रों समस्या समुद्र तट की नहीं है, बल्कि दिल्ली में बैठी सरकार में है। अगर हमें मछुवारों को सुरक्षित रखना है, तो हमारी पहली जिम्मेदारी बनती है, दिल्ली में बैठी दुर्बल सरकार को हटाना।
पाकिस्तान आसानी से मछुवारों को उठा ले जाता है और सालों तक जेल में रखता है, अब श्रीलंका भी ऐसा करने लगा है। ये लोग हमें कमजोर समझते हैं, इसीलिये ऐसा करते हैं। अटल जी की सरकार के दौरान ऐसी कोई समस्या नहीं थी। तब 15 दिन में मछुवारे लौट आते थे। पाकिस्तान अब तो मछुवारों की नौकायें भी रख लेता है और उसका इस्तेमाल भारत को परेशान करने के लिये करता है।
भाईयों बहनों मैं गुजरात और तमिलनाडु के रिश्तों के बारे में चर्चा कर रहा था। गुजरात कपास का उत्पादन करता है, तो तमिल उसका सबसे ज्यादा उपयोग। दोनों ही उच्च शिक्षा में काफी आगे हैं। त्रिची की बेल को कौन भूल सकता है, जो दुनिया को ब्वॉयलर सप्लाई करता है। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी यहां पढ़े।
जिस दिन गांधी जी ने डांडी मार्च शुरू किया था, उसी दिन त्रिची में पीओसी के नेतृत्व में मार्च निकाला गया था।हमें यह सोच कर अफसोस होता है कि कांग्रेस के राज में जितने जवान आतंकियों का निशाना बने उतने जवान तो युद्ध में नहीं मारे गये। सवा सौ करोड़ का हमारा देश है और विदेशियों की ताकत देखिये कि इटली के लोग केरल के तट पर आकर मछुवारों को गोलियों से भून देते हैं। पाकिस्तान की सेना हमारे जवानों के सिर कलम कर ले जाती है। सीमा पर गोलियां चलाकर भून डालती है उसके बाद भी दिल्ली की सरकार प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान के नेताओं के साथ चिकन बिरयानी खाती है।
मित्रों हर नागरिक सोचता है कि पड़ोसी आकर जो चाहे करके चला जाता है और हम आंख बंद कर मुंह बंद कर खड़े रहते हैं। ऐसा क्यों। क्या पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिये। नहीं। यह हम नहीं त्रिची की जनता कह रही है।
मोदी ने ब्राजील का उदाहरण दिया-
मित्रों ब्राजील में एक घटना घटी, ब्राजील को पता चला कि अमेरिका उसकी जासूसी कर रहा है। यह पता चलते ही ब्राजील जैसे छोटे देश ने अमेरिका के एक डेलीगेशन का स्वागत करने से इंकार कर दिया। और यह संदेश दे दिया कि वह ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करेगा। ब्राजील ने अपने सम्मान के लिये जो किया, क्या हमें उसका गौरव करना चाहिये कि नहीं? मैं दूसरी घटना बताता हूं- अभी कुछ दिन पहले अमेरिका की जासूसी संस्था में काम करने वाले स्नोडेन पर आरोप लगा कि उसने अमेरिका की जासूसी संस्था की कुछ बातें लीक कर दी हैं।
आरोप लगा कि वह देशद्रोही है। अमेरिकन सरकार उसे गिरफ्तार करना चाहती थी। स्नोडेन रूस चला गया, वहां उसे आश्रय मिला। इस बात से नाराज होकर ओबामा रूस जाने वाले थे, लेकिन यह कहकर मना कर दिया कि तुमने हमारे जासूस को पनाह दी इसलिये नहीं आउंगा। ओबामा ने अपनी ताकत दिखाई। मित्रों हमें सोचना होगा। दुनिया का देश छोटा हो या बड़ा, जब उनके स्वाभिमान पर चोट होती है, तो वो देश अपनी इज्जत के लिये खड़ा हो जाता है।
इसीलिये मैं पूछना चाहता हूं-
प्रधानमंत्री जी आप अमेरिका में हैं, आपकी प्राथमिकता क्या है? हिन्दुस्तान का गौरव, स्वभिमान, जवानों का खून, उनकी बलिदानी आपकी प्राथमिकता है, या दुनिया की नजरों में अच्छा बनना आपकी प्राथमिकता है? देश में एक ऐसी सरकार है, जिसके कारण न इस देश में हमारी मातायें बहनें सुरक्षित हैं, और न सीमा पर हमारे जवान सलामत हैं, और इस सरकार के रहते हुए चीन पर न हमारी भूमि सलामत है, गुजरात हो या तमिलनाडु हों या केरल, हमारे मछुवारे सलामत नहीं हैं। ऐसी सरकार जिसके चलते पूरा देश असलामत हो, ऐसी निकम्मी सरकार को उखाड़ कर फेंक देना चाहिये।
उद्योग एवं अर्थ व्यवस्था
इस सरकार ने रुपये को भी इतना कमजोर कर दिया है कि महंगाई चरम पर पहुंच गई है। अगर सरकार बनी रही तो आगे चलकर हमें रुपये को माइक्रोस्कोप से खोजना पड़ेगा। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आने वाले पांच सालों तक अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो हिन्दुस्तान के करोड़ों नौजवान बेरोजगार हो जायेंगे और भारत की तरुणाई भीख मांगती नजर आयेगी।
मित्रों केंद्र सरकार की नीतियों के कारण हमारे देश के उद्योग ठप होते जा रहे हैं। छोटे उद्योगों पर ताले लग रहे हैं, इसका सबसे बड़ा कारण दिल्ली की सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। वे सिर्फ अमीरों का भला करती हैं। अमीर कंपनियों के लिये तिजोरियां लुटाती है यूपीए सरकार। छोटे कारोबारियों को परेशान करना उनकी नीतियां है।
हमारे देश में विकास में हमारे नौजवानों का हाथ जरूरी है। इसके लिये छोटे-छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर लाखों करोड़ों लोगों को रोजगार देने की जरूरत है। आपके पिता को, आपके बड़े भाई को मजबूरियों में जीना पड़ा होगा, लेकिन आप संकल्प लें कि आपको मजबूरी की जिंदगी नहीं जीनी है।
बिजली की समस्या उठाई
केंद्र सरकार की नीतियां देखिये। आज 20 हजार मेगावॉट बिजली पैदा करने की क्षमता रखने वाले पावर प्लांट बंद पड़े हैं। कई राज्य बिजली के लिये तरस रहे हैं, लेकिन केंद्र इन परिस्थितियों को बदलना नहीं चाहती है। वो सिर्फ वहीं बदलाव करती है, जहां पैसा कमाने का स्कोप हो।
आधार कार्ड का मुद्दा उठाया
जिस आधार कार्ड को लेकर कांग्रेस इतने दिनों से नाच रही थी, आज उसी पर सुप्रीम कोर्ट ने उस पर कड़ी फटकार लगायी है। हम पूछना चाहेंगे कि आधार कार्ड में किसने कितना पैसा कमाया। आज मैं पूछना चाहता हूं मनमोहन सिंह से क्या आपकी कैबिनेट के सारे मंत्री इस पर सहमत थे, क्या राज्यों ने इस पर सवालिया निशान खड़े कर दिये। लेकिन आपने राजनीतिक रंग दिखाने के लिये करोड़ों रुपए बर्बाद कर दिये।
कांग्रेस का डीएनए
कांग्रेस के डीएनए में देश को तोड़ने की आदत है। आजादी के दौरान से ही उसने ऐसा ही व्यवहार अपनाया। देश को दो टुकड़े करने का पाप भी इसी कांग्रेस ने किया था। इसी कांग्रेस ने पानी के मुद्दों पर दो राज्यों को लड़ाती रही यह कांग्रेस। इसी कांग्रेस ने भाषा के नाम पर नये नये तूफान खड़े करके, देश को भाषा के नाम पर राज्यों को लड़वाया।
1957 के बाद से हिन्दुस्तान मुसलमान एक साथ आजादी की जंग लड़ रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने जब जंग का नेतृत्व किया तो दोनों को बांट दिया। धर्म के आधार पर देश में विभाजन करने का काम कांग्रेस का है। यही करके कांग्रेस वोट मजबूत करती है। यही कांग्रेस है, जिसने जाति के नाम पर अगड़े-पिछड़े की लड़ाई शुरू करायी। फॉरवर्ड और बैकवर्ड के बीच में दरार डाली।
कांग्रेस पार्टी की सोच ने गांव को शहर से अलग कर दिया। अगर भारत को फिर से जोड़ना है तो कांग्रेस से मुक्ति करना होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा- कांग्रेस नेतृत्व वाली मनमोहन सिंह की सरकार ने देश को गर्त में ले जाकर छोड़ दिया है। आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी असफलता का दोष भारत पर मढ़ते हैं, वो कहते हैं कि भाजपा की वजह से यूपीए के कार्यों में रुकावट आती है। तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि हम कोई चीयरलीडर्स नहीं हैं, जो आप करप्शन करते जायें और हम खड़े होकर तालियां बजायें। हमें जनता ने वॉचडॉग के रूप में विपक्ष की कुर्सी पर बिठाया और हम वही काम कर रहे हैं।
राजनाथ ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी को जब से पीएम कैंडिडेट घोषित किया गया है, तब से केंद्र सरकार ने उनके पीछे सीबीआई को लगा दिया है। मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि मोदी अकेले नहीं हैं, पूरी भाजपा उनके साथ है।













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