लाल मैदान में नरेन्द्र मोदी पर 'लाल आतंक' का साया

जानकारी के मुताबिक, बस्तर सहित राजनांदगांव में जहां पहले चरण के मतदान होने हैं, वहीं नक्सली बीहड़ क्षेत्रों में बैठकें कर रहे हैं। आईबी के इस अलर्ट के बाद से छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। बिहार की राजधानी पटना में मोदी की सभा में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद से छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपनी पीठ मजबूत कर ली है। आईबी विभाग के मुताबिक, नक्सलियों ने बस्तर में 50 अलग-अलग स्थानों पर बैठकें की हैं।
जिस तरह से नक्सली कुछ दिनों से पर्चे के माध्यम से चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं, उससे लगता है कि बड़े नेताओं की सभा में उनकी दखल कहीं न कहीं भारी पड़ सकती है। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार नक्सलियों की रणनीति में उग्रता नजर आने लगी है। बस्तर क्षेत्र राज्य का सीमावर्ती इलाका है जिससे कई और प्रदेश जुड़े हुए हैं, ऐसे में सुरक्षा कैसे की जाए, यह पुलिस के लिए सबसे बड़ी माथापच्ची जैसा कार्य है। नक्सलियों की सक्रियता के चलते बस्तर क्षेत्र में बड़ी तादाद में जवानों की तैनाती की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में कई ऐसे दुर्गम क्षेत्र हैं, जहां नक्सलियों की भारी पैठ है, लेकिन उससे निपटने के लिए प्रशासन ने हालांकि रास्ते निकाल लिए हैं। पहले चरण के मतदान वाले क्षेत्र में प्रशासन ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन सहित मतदान दल को पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की है, ताकि मतदान के दिन नक्सली गतिविधियों से कोई अड़चन पैदा न हो। जानकारी के मुताबिक, नक्सली वोटिंग मशीन को भी लूटने का प्रयास कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने चौकसी बरतने के साथ ही सुरक्षा की भी व्यवस्था कर ली है।












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