तालिबान के निशाने पर नरेंद्र मोदी, इंडियन मुजाहिद्दीन को दी जा रही ट्रेनिंग!

नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई को न्यौता भेजकर एक नई शुरुआत की है लेकिन शायद आतंक के सौदागरों को यह रास नहीं आ रहा है।
इस न्यूज चैनल को जो वीडियो हासिल हुआ है उसमें पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तालिबानी कैंप में ट्रेनिंग जारी है और इस बात की जानकारी भी हाथ लगी है कि इस कैंप में ट्रेनिंग के लिए भारत से लोगों को भेजा जा रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की दी हुई जानकारी पर अगर यकीन करे तो उन्होंने वर्ष 2008 के बाद पकड़े गए इंडियन मुजाहिद्दीन के जितने भी आंतकियों से पूछताछ की है उसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि वह अफगानिस्तान जाकर तालिबान में शामिल होना चाहते हैं।
इसके साथ ही राजस्थान में आतंकवादियों का जो ग्रुप पकड़ा गया है उसका भी एकमात्र लक्ष्य था कि वह किसी भी तरह अफगानिस्तान पहुंच जाए और तालिबान में शामिल हो जाएं।
पुलिस की ओर से जो पूछताछ की गई है उसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि काफी आतंकी अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर स्थित तालिबान कैंपों में मौजूद हैं। इतना ही नहीं देश की सिक्योरिटी और इंटलीजेंस एजेंसियों को इस बात की जानकारी मिली है कि सिमी के कुछ आतंकियों को तालिबान की ओर से सपोर्ट किया जा रहा है।
23 मार्च को राजस्थान के जयपुर, अजमेर और उदयपुर में 10 से ज्यादा आतंकियों को पकड़ा था। यह सभी आतंकी इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी से जुड़े हुए थे। इसमें आईएम का खास सदस्य और चीफ तहसीन भी शामिल था। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ती गई, इस बात का खुलासा होता गया कि सभी आतंकियों को तालिबान से मदद मिल रही है।











Click it and Unblock the Notifications