ब्रिक्स में दोस्त रूस और दुश्मन चीन से मिलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इस सम्मेलन में शामिल देशों में एक ओर जहां रूस से जहां भारत का हमेशा दोस्ताना रिश्ता रहा है और कूटनीतिक मुद्दों पर एकजुटता रही है। वहीं, चीन के नापाक इरादे लगातार भारत के सामने आ रहे हैं। चीन का नया नक्शा हो या घुसपैठ करना, चीन ने इधर भारत के खिलाफ अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
अगले सप्ताह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इस दो दिवसीय यात्रा के लिए लिए मोदी ब्राजील में होगें, जहां वह पहली बार वे चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।
ब्रिक्स का छठा शिखर सम्मेलन ब्राजील के फोर्टालेजा और ब्राजीलिया में होगा। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे। वहीं विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स देशों के नेताओं के अलावा अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों के नेताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे। ब्राजील की राष्ट्रपति ने अर्जेटिना, चिली, पेरू, बोलिविया, उरुग्वे, इक्वाडोर, वेनेजुएला और सूरीनाम समेत लातिन अमेरिकी मुल्कों के प्रमुखों को भी ब्रिक्स सम्मेलन में आए प्रमुखों से मिलने का न्यौता दिया है।
प्रधानमंत्री के ब्राजील दौरे की जानकारी देते हुए सुजाता मेहता ने बताया कि ब्रिक्स के मंच पर संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर बात होनी है। वहीं, भारत के एजेंडा में आर्थिक मुद्दे भी शामिल है।
बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार वैश्विक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वहीं, इस यात्रा के दौरान चीन से द्विपक्षीय वार्ता करना भी अहम बात होगी। क्योंकि तत्काल चीन की तरफ से उठाए जा रहे नकारात्मक कदम कहीं न कहीं आगामी समय के लिए उचित नहीं है।












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