नरेंद्र मोदी के विरोधियों के मुंह पर ताले जड़ देगी गुजरात पर यह रिपोर्ट
बेंगलुरु। विकीलीक्स ने जब केबल के जरिये कहा कि अमेरिकी डिप्लोमैट्स ने कभी नरेंद्र मोदी को ईमानदार नहीं माना, तो भारत में विरोधी दलों में मानों खुशी की लहर दौड़ गई। उन्हें लगा कि विकीलीक्स की ये बातें मोदी को पीएम बनने से रोकेंगी। अब देश के अंदर आती हैं, जहां अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में गुजरात का दौरा किया था।
केजरीवाल ने दावा किया कि गुजरात का विकास वो ढोल है, जो सिर्फ मीडिया पीटता है। केजरीवाल ने सात दिन के दौरे में गुजरात पर एक रिपोर्ट तैयार कर देश की जनता को सौंप दी। बतौर आप समर्थक आपने केजरीवाल की हर बात पर आंख मूंद कर विश्वास भी किया होगा और बतौर कांग्रेसी समर्थक या अन्य दलों के समर्थक होने के नाते आप उनकी बात से कुछ हद तक इत्तेफाक रखते भी होंगे। केजरीवाल के दावों के बाद इस रिपोर्ट को जरूर पढ़ियेगा।
गुजरात के प्रति अगर आपका नजरिया सकारात्मक है, तो और सकारात्मक हो जायेगा, अगर नकारात्मक है, तो निश्चित तौर पर बदल जायेगा, क्योंकि ये रिपोर्ट किसी मीडिया संस्थान, भाजपा या गुजरात सरकार ने नहीं रिलीज की है, बल्कि देश के जाने माने अर्थशास्त्री व सेंटर फॉर रिसर्च, दिल्ली के प्रोफेसर बिबेक देबरॉय, हाइट फेलोशिप प्राप्त लवीश भंडारी और काटो इंस्टीट्यूट के स्वामीनाथन एस अंकलेसरिया ने तैयार की है।
क्या है इक्नॉमिक फ्रीडम
इक्नॉमिक फ्रीडम यानी आर्थिक स्वतंत्रता विकास का वो इंडेक्स है, जिस पर किसी राज्य या देश के विकास, वहां के लोगों की लाइफस्टाइल, सामाजिक न्याय, आदि के मामले में आगे बढ़ता है और आर्थिक समृद्धि आती है, तो उसे आर्थिक स्वतंत्रता कहा जाता है। साथ ही इसे समृद्धि के मार्ग के रूप में भी परिभाषित किया जाता है।
तीन साल से नंबर-1 है गुजरात
इक्नॉमिक फ्रीडम रैंकिंग में गुजरात पिछले तीन साल से नंबर वन पर है। वहीं पिछला रिकॉर्ड देखें तो 2005 में गुजरात 0.46 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर था। आठ साल में गुजरात में विकास, लोगों के रहन-सहन में जितनी तेजी से इजाफा हुआ, उतनी तेजी से किसी और राज्य में नहीं हुआ। 2005 से 2013 के बीच गुजरात की जीएसडीपी में 12 प्रतिशत की दर से इजाफा हुआ। इक्नॉमिक फ्रीडम के मामले में गुजरात ने सभी राज्यों को पछाड़ दिया है।

गुजरात के बाद छत्तीसगढ़
काटो इंस्टीट्यूट के अध्ययन के अनुसार गुजरात 2005 में गुजरात ने 12 प्रतिशत की दर से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल की, जबकि दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ ने 10.6 और आंध्र प्रदेश ने 10.4 प्रतिशत की दर से विकास देखा।

गुजरात नंबर 1, तमिलनाडु 2
बिबेक देबरॉय की इस रिपोर्ट में गुजरात नंबर 1 पर और तमिलनाडु 2 पर है। खास बात यह है कि दोनों के बीच इंडेक्स अंकों में भारी अंतर है।

2005 से 2013 तक गुजरात
इक्नॉमिक फ्रीडम के इंडेक्स पर गुजरात 9 साल पहले पांचवें स्थान पर था। आज पिछले तीन साल से टॉप पर है।

देश के टॉप-10 राज्य
1. गुजरात 2. तमिलनाडु 3. आंध्र प्रदेश 4. हरियाणा 5. हिमाचल प्रदेश 6. मध्य प्रदेश 7. राजस्थान 8. छत्तीसगढ़ 9. कर्नाटक 10. केरल।

श्रेय नरेंद्र मोदी को
गुजरात की आर्थिक संपन्नता का सारा श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है, और देश भी अब इसी गति से आर्थिक संपन्नता प्राप्त करना चाहता है।

गुजरात, तमिलनाडु व अन्य राज्य
0 से 1 के ग्राफ में गुजरात 0.64 अंकों के साथ नंबर 1 पर है। दूसरे नंबर पर तमिलनाडु के पास 0.54 अंक हैं, जबकि तीसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश 0.50 और चौथे पर हरियाणा 0.49 अंकों के साथ है।

विकास की रफ्तार
गुजरात के अलावा विकास की रफ्तार बिहार, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सबसे तेज देखने को मिली।

मनमोहन सिंह के लिये शर्मनाक
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिये यह शर्मनाक बात है कि जिस राज्य से वो पिछले 10 साल से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वह राज्य इक्नॉमिक फ्रीडम के इंडेक्स पर नीचे से दूसरे स्थान पर है। अगर नीतीश कुमार थोड़ी सी मशक्कत कर लें तो असम इस टेबल में सबसे नीचे चला जायेगा।

अखिलेश के लिये चिंता का सबब
उत्तर प्रदेश इस इंडेक्स में नीचे गिर गया है। 2005 में यूपी 14वें स्थान पर था, 2009 में 13वें पर आ गया, लेकिन 2011 में 16वें स्थान पर आ गया और 2013 में भी 16वें स्थान पर रहा। यानी अखिलेश यादव की सरकार अपने पहले एक साल में कुछ खास कमाल नहीं कर पायी।

महाराष्ट्र 2 रैंक नीचे खिसका
आर्थिक संपन्नता के मामले में महाराष्ट्र 2 रैंक नीचे खिसक गया है। 2005 में महाराष्ट्र 9वें स्थान पर था 2013 में 11वें स्थान पर पहुंच गया है।

बिहार जस का तस
आर्थिक संपन्नता के मामले में बिहार ने अंकों में तो बढ़त हासिल की, लेकिन रैंक के मामले में 2005 से लेकर 2013 तक यह सबसे नीचे के स्थान पर बना हुआ है।

भारत की आर्थिक संपन्नता
सभी राज्यों को मिलाक देखें तो 2005 से लेकर 2013 तक इंडेक्स 0.38 से ऊपर उठकर 0.43 हो गया। इसका भी मुख्य कारण गुजरात ही है।












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