मोदी की नई कैबिनेट में इन मंत्रियों का बढ़ सकता है कद, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों में प्रचंड जीत के साथ एनडीए सरकार ने सत्ता में वापसी की है। नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की तारीख भी तय हो चुकी है। 30 मई को नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरी बार शपथ ग्रहण करेंगे। वहीं, इसको लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि कौन सा नया चेहरा कैबिनेट में शामिल होगा या किनका पत्ता कटेगा। हालांकि, इस लिस्ट में 5 ऐसे नाम भी हैं जिनको अच्छे काम का इनाम दिया जा सकता है।

पीयूल गोयल:
मोदी सरकार की नई कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कद बढ़ सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की उपस्थिति में बजट पेश करने वाले पीयूष गोयल को इस कार्यकाल में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान पीयूष गोयल को कोयला-पावर एंड न्यू रिन्यूएबल एनर्जी का राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी गोयल के कंधों पर आ गई थी। पीयूष गोयल तेज-तर्रार नेता होने के साथ अपने काम को बखूबी अंजाम देते हैं। वे पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भरोसेमंद भी हैं।

धर्मेंद्र प्रधान:
साल 2014 में बनी मोदी सरकार में धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनके नेतृत्व में उज्जवला योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए। सरकार के दावे की मानें तो इस योजना के तहत 7 करोड़ लोगों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए। मोदी सरकार की वापसी में इस योजना की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। जबकि ओडिशा में बीजेपी का ग्राफ बढ़ाने में अहम भूमिका रही है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान का कद भी बढ़ सकता है।

बाबुल सुप्रियो:
बीजेपी ने हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। आसनसोल सीट से बाबुल सुप्रियो दोबारा चुनकर आए हैं। बंगाल में बीजेपी ने 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में माना जा रहा कि बंगाल में बीजेपी के बढ़े प्रभाव के बाद सुप्रियो को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी बाबुल सुप्रियो का कद बढ़ा सकती है। फिलहाल सुप्रियो राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

वीके सिंह
गाजियाबाद से दोबारा चुनकर आए जनरल वीके सिंह का कद भी बढ़ सकता है। सेना के जनरल के पद से रिटायर जनरल वीके सिंह रिकॉर्ड मतों से जीतकर आए थे और विदेश राज्य मंत्री की जिम्मेदारी उनको दी गई थी। यमन में आईएस आतंकियों के चंगुल से सैकड़ों भारतीयों को सही सलामत लाने और इराक में आतंकियों के हाथों मारे गए 39 भारतीयों के अवशेष को उनके परिवारों को सौंपने का काम किया है। माना जा रहा कि विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह के कद में इजाफा हो सकता है।

राज्यवर्धन सिंह राठौर:
साल 2014 के चुनाव में राजस्थान की जयपुर ग्रामीण सीट से जीत दर्ज कर आने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौर खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद से इन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस चुनाव में भी राठौर ने कांग्रेस की कृष्णा पूनिया को करीब 4 लाख वोटों से हराया है। राज्यवर्धन सिंह राठौर को सूचना प्रसारण मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी भी दी गई थी। माना जा रहा है कि इस युवा मंत्री के कद में इजाफा हो सकता है। राठौर राजनीति में आने से पहले पेशेवर शूटर थे। 2004 ओलंपिक खेलों के डबल ट्रैप इवेंट में रजत पदक जीता था।












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