क्‍या मोदी का मंत्रालय सिरप मिटा पाएगा यूपी की 'खांसी'

Narendra Modi cabinet model may prove good for Uttar Pradesh
'अच्‍छे दिन' लाने का दावा करने वाली सरकार भले ही छोटे सरकारी विभागों के जरिए बेहतर शासन का सपना संजो रही हो, पर क्‍या यह जमीनी तौर पर यूपी की सरजमीं के लिए वरदान साबित होगा। । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए कई मंत्रालयों में बदलाव करते हुए उनकी तादाद सीमित करने की योजना बनाई है। मोदी का यह नुस्खा क्या यूपी के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। यूपी में नब्बे से ज्यादा सरकारी विभाग हैं और यहां अभी एक और विभाग बनाने की कवायद चल रही है।

जब कल्याण सिंह दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तब भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को चलाने के लिए उन्होंने नब्बे मंत्री बना डाले। इन मंत्रियों को काम देने के लिए तमाम बड़े विभागों को कार्य कुशलता के नाम पर विभाजित कर दिया गया। मंत्री तो बाद में 60 तक सीमित हो गए लेकिन विभाग बढ़कर 93 हो गए।

यूपी के प्रशासनिक सुधार विभाग ने आज से 15 साल पहले प्रदेश सरकार को संस्तुति की थी कि यहां कई विभाग एक जैसे काम वाले हैं। इन्हें विलय कर इन्हें एक बड़े विभाग में तब्दील कर कर देना चाहिए। इसका मकसद यह थी कि कम विभाग होने से एक तो शासन ज्यादा चुस्त दुरुस्त तरीके से काम करेगा और योजना के अमल में लालफीताशाही का अड़ंगा भी अपेक्षाकृत कम होगा। यह रिपोर्ट अभी धूल फांक रही है। अलबत्ता कई नए विभाग नई शक्ल में सामने आ गए।

एक वक्त ऐसा था जब अतिरिक्त ऊर्जा, पर्यावरण व विज्ञान प्रौद्योगिकी एक ही विभाग थे। अब तीनों अलग हो गए। समाज कल्याण से अलग होकर पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विकलांग कल्याण जैसे नए विभाग बन गए। महिला एवं बाल विकास भी अलग विभाग बनाया गया। शिक्षा विभाग से भी माध्यमिक, बेसिक, उच्च, तकनीकी विभाग अलग बन गए। इसके बाद व्यवसायिक शिक्षा विभाग भी अस्तित्व में आ गया।

बने कई नए महकमे-

यूपी में पिछले सात साल में समग्र ग्राम विकास विभाग, आयुष विभाग, लोक सेवा प्रबंधन विभाग, खाद्य एवं ओषधि नियंत्रण विभाग बना दिए गए हैं। अभी प्रवासी भारतीयो के जरिए यूपी में निवेश बढ़ाने के मकसद से प्रवासी भारतीय निवेश विभाग बनाने की कवायद चल रही है। हालांकि अम्बेडकर गा्रम विकास विभाग खत्म हो गया।

थोड़े से मंत्री, थोड़े से विभाग-

एक वक्त ऐसा भी था जब मंत्री कम और विभाग भी कम जैसी स्थिति रहती थी। आजादी से पहले प्रदेश में गृह, खाद्य, राजस्व, वित्त, जेल, न्याय, कृषि, स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन, संचार व सिंचाई, शिक्षा जैसे विभाग ही होते थे। 1952 में यूपी में गोविंद बल्लभ पंत मंत्रिमंडल में 25 मंत्री थे। इन्हीं के बीच सामान्य प्रशासन, नियोजन, वन, वित्त, बिक्री कर, बिजली, मुस्लिम वक्फ, राज्य सम्पत्ति, पुलिस, कारागार, पूर्व धर्मस्व एवं बद्रीनाथ मंदिर, उद्योग तथा सहायता पुनर्वास, सार्वजनिक निर्माण विभाग, खाद एवं रसद, विधायिका, आबकारी पंचायती राज, शिक्षा जैसे विभाग बांटे गए थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+