नागालैंड: सरकार का खजाना खाली, फंड के लिए कर्मचारियों की सैलरी से कटेगा पैसा!
नई दिल्ली। नागालैंड की सरकार नकदी के संकट से जूझ रही है। सरकार के पास पैसा नहीं है, ऐसे में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से कुछ पैसा काटने पर विचार किया जा रहा है, जिससे विकास का काम किया जाए। पूर्वोत्तर के राज्य नागालैंड के मुख्य सचिव तेमजेन तॉय ने सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह से पैसा काटने का प्रस्ताव रखा है, जिसका इस्तेमाल राज्य में आधारभूत ढांचा खड़ा करने लिए किया जा सके।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसी कोई वजह नहीं दिखती कि राज्य सरकार के कर्मचारी अपने प्रदेश के विकास में कोई योगदान से पीछे हटेंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की सैलरी काटने का प्रस्ताव सत्ताधारी एनडीपीपी से साझा किया जा चुका है। बता दें कि ये अभी ये सिर्फ एक प्रस्ताव ही है, सरकार को इस पर फैसला लेना बाकी है।
नागालैंड के मुख्य सचिव ने पैसे की कमी को लेकर कहा- राज्य में नकदी की किल्लत हमारे सामने है, इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अन्य राज्यों की तरह हम यहां आयकर और संपत्ति कर का भुगतान नहीं करना होता है। वहीं सरकार हर तरह की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध कराती है। राज्य में जो प्रोफेशनल टैक्स लगता है, उससे प्राप्त राशि बहुत कम है।
मुख्य सचिव ने कहा है कि हमने केंद्र के साथ इस टैक्स को बढ़ाने की बात भी कई बार उठाई है लेकिन यह संविधान में किए गए प्रावधान से अलग है, इसलिए इसमें संविधान संशोधन की जरूरत है। ऐसे में इसकी उम्मीद करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि अगर संशोधन लाया जाता है, तो देश के अन्य हिस्सों के लोग जो पहले से ही अन्य करों का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें बढ़े हुए व्यावसायिक कर का भुगतान करना पड़ेगा।
नागालैंड के मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने में भी दिक्कते हैं क्योंकि कई कानून अड़चन भरे हैं। हमलोग राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उसमें बहुत कठिनाइयां हैं। बाहरी निवेशक ही नहीं स्थानीय उद्यमी भी इन प्रावधानों की वजह से परेशानी झेल रहे हैं।












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