अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री ने भी छोड़ी कांग्रेस, भाजपा में जाने की चर्चा
अखंड आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता एन किरण कुमार रेड्डी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके भाजपा में जाने की चर्चा है। वह 2018 में दोबारा कांग्रेस में आए थे।

अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता एन किरण कुमार रेड्डी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक लाइन की चिट्ठी लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की सूचना दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चा चल रही है। वह करीब चार वर्षों तक आंध्र प्रदेश के सीएम रहे और प्रदेश के विभाजन के फैसले के खिलाफ ही पार्टी से बगावत कर दी थी। वह पिछले लोकसभा चुनाव से पहले वापस कांग्रेस में लौटे भी थे, लेकिन शायद वह फिर कभी दिल से पार्टी को अपना नहीं सके।

अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी सीएम हैं किरण कुमार रेड्डी
अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी सीएम एन किरण कुमार रेड्डी ने आखिरकार कांग्रेस से इस्तीफा दे ही दिया है। इससे पहले इस बात की काफी चर्चा थी कि 62 वर्षीय दिग्गज कांग्रेस सिर्फ इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि बीजेपी उनके कद के हिसाब से अपनी पार्टी में कोई स्थान मुहैया करवा दे। एन किरण कुमार रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री रहे हैं। वे 11 नवंबर, 2010 को आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे। लेकिन, 10 मार्च, 2014 को उन्होंने प्रदेश को बांटने के तत्कालीन यूपीए सरकार के फैसले के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

कुछ समय के लिए राजनीति से हुए थे दूर
गौरतलब है कि उन्होंने विधानसभा में राज्य के बंटवारे के केंद्र सरकार के ड्राफ्ट मसौदे के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पास कराया था। तब रेड्डी ने कुछ समय के लिए कांग्रेस से अलग होकर जय समक्य आंध्रा पार्टी बनाया था। लेकिन, 2014 के आम चुनावों में उनकी पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से किनारे कर लिया था।

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बीजेपी में शामिल होने की चर्चा
एन किरण कुमार रेड्डी 2018 में फिर से कांग्रेस में वापस लौट आए थे। अंग्रेजी अखबार टीओआई ने सूत्रों के हवाले बताया है कि वह बीजेपी लीडरशिप से अपने लिए राष्ट्रीय राजनीति में कुछ उचित पोजिशन की मांग कर रहे हैं। सूत्र ने कहा, 'वह कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद पार्टी में वरिष्ठ नेताओं के कहने के बाद भी सक्रिय नहीं हुए। 2019 के चुनावों के दौरान भी वह साइलेंट ही बने रहे। अब 2024 के आम चुनावों से पहले ऐसा समझा जाता है कि उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का मन बना लिया है।'
आंध्र प्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम रहे हैं
एन किरण कुमार रेड्डी के पिता एन अमरनाथ रेड्डी अन्नामय्या जिले के वायलपाडु विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के एमएलए थे। खुद किरण रेड्डी ने भी 2009 में पिलेरू विधानसभा शिफ्ट करने से पहले उसी विधानसभा का 1989, 1999 और 2004 में प्रतिनिधित्व किया था।
किरण रेड्डी 2004 से 2009 के विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के चीफ व्हीप रहे। 2009 में वाई एस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान वह विधानसभा के स्पीकर भी रहे। हेलीकॉप्टर हादसे में वाईएसआर के निधन के बाद के रोसैया मुख्यमंत्री बने और फिर जाकर उनके पास सत्ता आ गई।












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