'My Way or Highway': महिला कर्नल को लेकर विवादस्पद समीक्षा, सेना के शीर्ष अधिकारी ने पत्र में उठाए बड़े मुद्दे
'My Way or Highway: एक सैन्य अधिकारी की ओर से महिला कमांडिंग अधिकारियों को लेकर की गई समीक्षा के बाद एक बार फिर सेना में ईगो (अहंकार) के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। मुद्दा 2023 में 108 महिला अधिकारियों को कमांड भूमिका सौंपे जाने के बाद उनकी कार्यशैली से जुड़ा है।
दरअसल, सेना ने लेडी ऑफीसर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रमोशन दिया था। पदोन्नति के एक साल बाद 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर के कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल 20 नवंबर को पूरा करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजीव पुरी ने पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी को पत्र लिखकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण "इन-हाउस समीक्षा" के निष्कर्षों को शेड्यूल किया है।

पत्र में क्या दिए गए सुझाव
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव पुरी ने यह पत्र 1 अक्टूबर को पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी को लिखा था। जिसमें उन्होंने पिछले वर्ष के दौरान 17 कोर के भीतर महिला सीओ के नेतृत्व वाली इकाइयों में देखी गई चुनौतियों का विश्लेषण किया। इसके अलावा पत्र में "इन-हाउस समीक्षा" के निष्कर्षों को सूचीबद्ध किया गया।
पात्रता और अहंकार के मुद्दे
रिपोर्ट में महिला सीओ द्वारा व्यक्तिगत विशेषाधिकारों की मांग करने और इकाइयों की जरूरतों पर आराम को प्राथमिकता देने के उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, यह व्यवहार, हालांकि पुरुष सीओ के बीच दुर्लभ है, महिला अधिकारियों के नेतृत्व वाली इकाइयों में असंगत रूप से देखा गया।
सहानुभूति की कमी
रिपोर्ट में कठोर निर्णय लेने और सैनिकों से दयालु अनुरोधों के प्रति असंवेदनशीलता को भी आवर्ती मुद्दों के रूप में उल्लेख किया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने सुझाव दिया कि यह कथित लैंगिक रूढ़िवादिता का मुकाबला करने के प्रयासों से उत्पन्न हो सकता है, जिससे संतुलित नेतृत्व की कमी हो सकती है।
कठोर नेतृत्व शैली
विश्लेषण में उल्लेख किया गया है कि कुछ महिला सीओ ने पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान माहौल में खुद को साबित करने के लिए अत्यधिक कठोर नेतृत्व शैली अपनाई।
छोटी-छोटी उपलब्धियों का जश्न
महिला सीओ ने अधिकतर छोटी-मोटी उपलब्धियों का अधिक जश्न मनाने का ट्रेंड अपनाया। रिपोर्ट में महिला सीओ की इस प्रवृत्ति की भी आलोचना की गई है और सुझावा में कहा गया कि इस तरह छोटी- छोटी उपलब्धियों पर जश्न मनाने का अपने कर्तव्यों के प्रति गतिशीलता नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है।
केंद्रीकृत नेतृत्व शैली
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिला सीओ ने केंद्रीकृत नेतृत्व शैली का प्रयोग सबसे अधिक किया। इस दृष्टिकोण के चलते कनिष्ठ अधिकारियों और कंपनी कमांडर्स ने को खुद को अलग- थलग महसूस किया। रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया कि "माई वे या हाईवे" (My Way or Highway) दृष्टिकोण के कारण अधिकारियों के बीच विश्वास में भी कमी देखी गई।
शिकायतें की अधिकता के मुद्दे
फ्टिनेंट जनरल राजीव पुरी ने पत्र में महिला सीओ की ड्यूटी से जुड़े अपने सुझाव में "शिकायत करने की अतिरंजित प्रवृत्ति" का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी शिकायतों को आंतरिक रूप से हल करने के बजाय सीधे वरिष्ठ कमांडरों तक पहुंचा दिया जाता था। इस प्रवृत्ति के चलते अधीनस्थों ने इस व्यवहार को यूनिट के अंदर मैनेजमेंट को लेकर एक नई चुनौती के रूप में स्वीकार किया।












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