मुजफ्फरनगर रेल हादसे में बड़ी कार्रवाई, 13 रेलवे कर्मचारी हटाए गए
नई दिल्ली। 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में हुए रेल हादसे में रेल एडमिनिस्ट्रेशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 रेलवे कर्मचारियों को हटाया है। हादसे के बाद ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले हादसे नॉर्दन रेलवे के जीएम समेत 8 के खिलाफ एक्शन हुआ था। रेलवे ने 20 हादसे के बाद नॉर्दर्न रेलवे के जीएम आरएन कुलश्रेष्ठ को छुट्टी पर भेज दिया है। साथ ही दिल्ली रेलवे के एक डीआरएम को भी छुट्टी पर भेजा गया था। इसके अलावा रेलवे ने 4 इंजीनियरों को भी सस्पेंड और चीफ ट्रैक इंजीनियर का तबादला कर दिया था।

19 अगस्त को शाम करीब 5.30 बजे हरिद्वार जा रही उत्कल कलिंग एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर पहुंचने से 20 किमी पहले खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में गाड़ी के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा इतना भयानक था कि कई डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। वहीं कुछ डिब्बे तो पास के घरों तक पहुंच गए। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
सामने आई थी लापरवाही की बात
इस हादसे में रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही की बात सामनेआई थी। इस हादसे के एक दिन बाद दो रेलवे कर्मचारी की बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सामने आया था। इस ऑडियो टेप में रेल हादसे से कुछ दूरी पर तैनात एक गेटमैन एक दूसरे रेलवे कर्मचारी से बात कर रहा है। ऑडियो क्लिप में गेटमैन कह रहा है कि हादसे के वक्त पटरी पर वेल्डिंग का काम चल रहा था। पुराने लोगों ने काम में लापरवाही बरती थी। पटरी को ठीक से जोड़ा नहीं गया था और इतने में ट्रेन आ गई। यहां तक कि ट्रेन को रोकने के लिए सिग्नल भी नहीं दिया गया था न ही लाल झंडा दिखाया गया।












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