Must Read: एसिड अटैक पीड़ितों के लिए जारी हुई गाइड लाइन
नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक के पीड़ितों के लिए कुछ गाइडलांइस तय किये हैं जो कि निम्नलिखित हैं।
* अब कोई भी निजी अस्पताल तेजाब हमले की पीड़िताओं के इलाज से पीछे नहीं हट सकता और न ही उनका इलाज करने से मना कर सकता है।
*अगर निजी अस्पताल इस आदेश का उल्लंघन करते हैं तो राज्य सरकार उन पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
* कोर्ट ने कहा कि तेजाब हमले की पीड़िताओं के उपचार में केवल उन्हें अस्पताल में भर्ती करना और उनका इलाज करना ही शामिल नहीं है अपितु उन्हें मुफ्त दवाइयां, विभिन्न ऑपरेशन, बिस्तर और भोजन भी उपल्ब्ध कराना होगा।
* कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में जिला न्यायाधीश द्वारा हर जिले में एक समिति का गठन किया जाएगा जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनके प्रतिनिधि निजी अस्पतालों द्वारा इस तरह के मामलों को खारिज करने पर निगरानी रखेंगे।
*भारतीय दंड संहिता की धारा 357सी के तहत तेजाब हमले की पीड़िता का प्राथमिक उपचार और संपूर्ण उपचार मुफ्त में किया जाएगा और इस तरह के मामलों के बारे में पुलिस को सूचना देनी होगी।
* अदालत ने आगे कहा कि तेजाब हमले की पीड़िता जब पहली बार इलाज के लिए अस्पताल में जाएगी तो वह अस्पताल एक प्रमाण पत्र जारी करेगा, जिसमें लिखा होगा कि पीड़िता मुफ्त इलाज की योजना का लाभ ले सकती है।
* राज्य में तेजाब की खुली बिक्री पर रोक
*एसिड अटैक के पीड़ित को सर्टिफिकेट भी मिलेगा जिससे भविष्य में उसे सारी सुविधाएं मिल सकें।













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