हिंदू लड़की से शादी के लिए मुस्लिम युवक ने बदला धर्म, साथ रहने के लिए पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में हादिया जैसा एक और मामला आया है। एक मुस्लिम युवक ने अपना धर्म इसलिए बदल लिया क्योंकि वो एक हिंदू जैन लड़की से शादी करना चाहता था। लेकिन ये युवक अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है और उसने आरोप लगाया है कि लड़की के घरवालों और एक हिंदू संगठन ने उसे जबरन अलग कर दिया है। उसने कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा है कि लड़की उसके साथ रहना चाहती है।
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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा युवक
याचिकाकर्ता इब्राहिम सिद्दीकी (धर्म परिवर्तन के बाद आर्यन आर्य) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि लड़की उसके साथ रहना चाहती है लेकिन धर्म परिवर्तन के बावजूद उसके घरवाले उसे लेकर चले गए। उसने कोर्ट से गुहार लगाई और कहा कि कोर्ट उस लड़की की मर्जी जान सकता है कि वो क्या चाहती है। युवक ने कोर्ट को बताया कि वो बिलासपुर हाईकोर्ट भी जा चुका है। लेकिन घरवालों ने अपनी जान देने की बात कही और कोर्ट में भी काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद कोर्ट ने युवक के साथ लड़की को जाने की अनुमति नहीं दी।

लड़की को 27 अगस्त को कोर्ट में पेश करने का आदेश
इस मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने धमतरी के एसपी को निर्देश दिया है कि लड़की को 27 अगस्त को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए। कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि अगर लड़की इस याचिका का समर्थन नहीं करती है तो इसे खारिज कर दिया जाएगा।

मुस्लिम लड़के ने शादी के बदला अपना धर्म
युवक ने बताया कि वो लड़की को 4-5 सालों से जानता है जबकि वो दोनों एक-दूसरे से 2-3 सालों से प्यार करते हैं। उसने लड़की से शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन कर अपना नाम आर्यन आर्य कर लिया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार रायपुर के एक मंदिर में शादी कर ली। हालांकि लड़की ने घरवालों को ये बात नहीं बताई और इसके लिए वो सही समय का इंतजार कर रही थी। उन्होंने शादी का पंजीकरण भी करा लिया और उन्हें सर्टिफिकेट भी मिल गया था।
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