मुरली देवड़ा (1937-2014): जानिए निगम काउंसलर से कैसे बनें सांसद
नई दिल्ली। सोमवार के दिन की शुरूआत एक दुखद खबर से हुई, आज देश के एक दिग्गज नेता औऱ पूर्व कैबिनेट मंत्री मुरली देवड़ा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मुरली देवड़ा एक जिंदादिल व्यक्तित्व के मालिक थे इसलिए केवल कांग्रेस से ही नहीं बल्कि उनके विरोधी पार्टियों से भी अच्छे संबंध थे।
मुरली देवड़ा एक जिंदादिल व्यक्तित्व
महाराष्ट्र कांग्रेस का एक बहुत बड़ा चेहरा मुरली देवड़ा मौजूदा दौर में तो राज्यसभा सांसद थे लेकिन वो यूपीए सरकार में पैट्रोलियम और टैलिकॉम जैसे महत्वपूर्ण पदों आसीन हो चुके थे। गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले मुरली देवड़ा पिछले काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे और इसी वजह से वो पिछले दिनों इलाज के लिए दिल्ली छोड़कर मुंबई आये थे, जहां उनकी ब्रिज कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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दो दिन पहले ही उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ था जिसके कारण वो अस्पताल से घर भी आ गये थे। सन् 1937 में जन्में मुरली देवड़ा को लोग आम तौर पर मुरली भाई कहा करते थे। उनकी राजैनैतिक शुरूआत मुंबई नगर निगम के काउंसलर के रूप में हुई थी, वह साल 1968 से 1978 तक मुंबई नगर निगम के काउंसलर रहे।
कांग्रेस ने खोया महाराष्ट्र का मुरली भाई
अपनी मोहक छवि और हाजिरजवाबी की वजह से वो राजनेताओं में काफी लोकप्रिय थे। इसलिए तो आज उनके जाने का गम कांग्रेसियों के अलावा उनके विरोधियों को भी हो रहा है।
आईये डालते हैं मुरली देवड़ा के जीवनचक्र पर एक नजर...

पुस्तैनी घर राजस्थान...
वैसे तो मुरली देवड़ा जीवन पर्यन्त महाराष्ट्र में ही रहे लेकिन उनका पुस्तैनी घर राजस्थान में हैं।देवड़ा ने बीए तक की पढ़ाई की थी।

मुंबई नगर निगम के काउंसलर
उनकी राजैनैतिक शुरूआत मुंबई नगर निगम के काउंसलर के रूप में हुई थी, वह साल 1968 से 1978 तक मुंबई नगर निगम के काउंसलर रहे।

1977 से 1978 तक मुंबई के मेयर
मुरली देवड़ा 1977 से 1978 तक वह मुंबई के मेयर भी रहे और 22 साल तक महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष पर भी आसीन रहें।

1980 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा
मुरली देवड़ा ने 1980 में पहली बार दक्षिण मुंबई से लोकसभा का चुनाव लड़ा, हालांकि वह जनता पार्टी के रतनसिंह राजदा से चुनाव हार गए, इसके बाद वह चार बार दक्षिण मुंबई से लोकसभा के लिए चुने गए।

पेट्रोलियम और गैस मंत्री
2002 अप्रैल में देवड़ा राज्यसभा के सदस्य बने, देवड़ा 2006 में मणि शंकर अय्यर की जगह केंद्रीय पेट्रोलियम और गैस मंत्री बने।

सूचना तकनीक राज्य मंत्री
जुलाई 2011 में देवड़ा संचार और सूचना तकनीक राज्य मंत्री बनाए गए। मौजूदा दौर में भी मुरली राज्यसभा सांसद थे।









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