यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर पर ईडी ने कसा शिकंजा, पूछताछ के लिए लाई ऑफिस
नई दिल्ली। आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक के ग्राहकों में हाहाकार मचा हुआ है, खाताधारक अपना ही पैसा बैंक से नहीं निकाल पा रहे हैं। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के संदिग्ध यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। शनिवार के ईडी ने कार्यालय में राणा कपूर से पूछताछ की। बता दें कि शुक्रवार की रात ईडी ने राणा कपूर के मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी की थी।

इस घोटाले के सामने आने बाद एक मीडिया चैनल से बात करते हुए राणा कपूर ने कहा कि, 'मैं बैंक का संस्थापक था। लेकिन पिछले 13 महीने में जो कुछ भी हुआ, उसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि करीब 4 महीने से वो भारत छोड़कर लंदन में रह रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा, 'दो सप्ताह के लिए मैं अपनी बेटी से मिलने के लिए लंदन गया था। मैं मुंबई वापस आ चुका हूं।
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49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है एसबीआई
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि उनका बैंक यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहा है। इसको लेकर सोमवार को वो अपना फैसला बता देंगे। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रजनीश कुमार ने कहा, यस बैंक को संकट से निकलने के लिए कम से कम 20,000 करोड़ रुपए की जरूरत है। बैंक को कैसे मुश्किल से निकालना हैस इस पर लगातार विमर्श हो रहा है। ये रणनीति सोमवार तक तैयार कर ली जाएगी।
बता दें कि आरबीआई ने गुरूवार को एनपीए के बोझ तले दबी यस बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी है। इनमें यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग करना और यस बैंक के ग्राहकों पर 50 हजार रुपए की नकदी निकालने की सीमा शामिल है। वर्ष 2017 से यस बैंक की कामकाज की निगरानी करती आ रही रिजर्व बैंक यह कार्रवाई नहीं करती, तो कोई खबर नहीं बनती। चूंकि आरबीआई देश के चौथे बड़े निजी बैंक को डूबने से बचाना चाहती है, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
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