Mumbai: 'हिंदू धर्म अंधविश्वास है', Mumbai में धर्मांतरण का रैकेट चला रहा अमेरिकी फौज का मेजर अरेस्ट
Mumbai: भिवंडी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रार्थना सभा के दौरान ग्रामीणों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की कथित कोशिश के आरोप में एक अमेरिकी नागरिक जेम्स वॉटसन (58) और दो स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
"ईसाई बनों, बीमारियों से मिलेगी मुक्ति"
पुलिस के अनुसार, वॉटसन बिजनेस वीजा पर भारत आए थे, लेकिन वे इसका दुरुपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए कर रहे थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में कहा गया है कि तीनों आरोपियों ने ग्रामीणों से कहा कि "हिंदू धर्म अंधविश्वास पर आधारित है" और दावा किया कि ईसाई धर्म अपनाने से उन्हें खुशी, समृद्धि और बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है।

गिरफ्तार किए गए तीनों में 58 साल के अमेरिकी नागरिक जेम्स वॉटसन, जो वर्तमान में ठाणे में रह रहे थे, 42 साल के साईनाथ गणपति सरपे, जो पालघर के रहने वाले हैं और 35 साल के मनोज गोविंद कोल्हा, जो भिवंडी के चिंबीपाड़ा क्षेत्र के निवासी हैं, शामिल हैं।
कई धाराओं में गए अंदर
इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 299 और 302 (धार्मिक भावनाओं को आहत करने और जानबूझकर भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्यों के लिए), विदेशी अधिनियम (वीजा शर्तों का दुरुपयोग), और महाराष्ट्र अंधविश्वास विरोधी कानून, 2013 सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
भिवंडी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक हर्षवर्धन बर्वे ने पुष्टि की कि "वॉटसन व्यवसाय वीजा पर भारत आए थे, लेकिन वे इसका उपयोग धार्मिक प्रचार के लिए कर रहे थे। मामले की जांच जारी है।"
माथे पर हाथ रख बीमारी ठीक करने का दावा
पुलिस के अनुसार, वॉटसन पर बच्चों को निशाना बनाने का भी आरोप है, क्योंकि वे उन्हें आसानी से बहका सकते थे। ग्रामीणों ने बताया कि प्रार्थना सभा के दौरान वॉटसन और उनके सहयोगियों ने पूछा कि क्या कोई बच्चा बीमार है, और फिर उन बच्चों के नाम लिखने के लिए एक नोटपैड रखा। बाद में वॉटसन ने कथित रूप से उनके माथे पर हाथ रखकर कहा कि वह उन्हें ठीक करने के लिए "दिव्य अनुष्ठान" कर रहे हैं।
अमेरिकी सेना में मेजर था वॉटसन?
इस घटना के बाद पुलिस ने वॉटसन पर अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत अतिरिक्त आरोप भी लगाए हैं, क्योंकि इस कानून के तहत चमत्कारिक इलाज के दावे को अपराध माना गया है।
कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि वॉटसन अमेरिकी सेना में मेजर रह चुके हैं। उनके कई वीडियो क्लिप्स, जिनमें वे सेना की वर्दी पहने कैमरे से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
बड़ी सभाएं करता था आयोजित
वॉटसन के अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में रहने की बात कही जा रही है, हालांकि इस दावे की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय नागरिक रविनाथ भुरकुट ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वॉटसन ने शुक्रवार शाम को मनोज कोल्हा के घर के बाहर एक प्रार्थना सभा आयोजित की थी, जिसमें लगभग 35 ग्रामीण शामिल हुए थे।
'प्रसाद की शराब पियो, बीमारी दूर होंगी'
पुलिस के अनुसार, उस सभा में वॉटसन और उनके सहयोगियों ने एक वाहन में लाई गई धार्मिक किताबों से पाठ किया और ईसाई धर्म का प्रचार करने लगे। जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि बीमारियां दवाओं से नहीं बल्कि ईसाई प्रार्थनाओं और "प्रसाद" के रूप में दी जाने वाली शराब पीने से ठीक हो सकती हैं।
पुलिस ने वॉटसन के वाहन से धार्मिक किताबें, प्रचार सामग्री और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह घटना पहली बार हुई है या यह किसी संगठित धर्मांतरण नेटवर्क का हिस्सा है।
महाराष्ट्र के स्थानीय संपर्कों की जांच
अधिकारियों ने यह भी बताया कि वॉटसन भिवंडी के दूरदराज के इलाकों में कई बार प्रार्थना सभाओं में शामिल होते रहे हैं, जबकि उनके पास व्यवसाय वीजा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उन्होंने भारत में कितनी बार प्रवेश किया, कितने गांवों या लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रभावित करने की कोशिश की, और महाराष्ट्र में उनके स्थानीय संपर्कों का नेटवर्क कितना बड़ा है।
जेल भेजा गया वॉटसन
फिलहाल, वॉटसन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और पुलिस उनसे आगे की पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि यह किसी बड़े धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा साबित हुआ, तो कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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