अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज बनेंगे शशि थरूर, कश्मीर और आतंकवाद पर पाक के खिलाफ खोला मोर्चा
Multi Party Delegation: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत की ओर से वैश्विक स्तर पर शुरू किए जा रहे कूटनीतिक अभियान में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें अमेरिका सहित प्रमुख देशों के लिए बहुपक्षीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का प्रस्ताव दिया है।
गौरतलब है कि शशि थरूर, भारत की संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की विदेश नीति और रणनीतिक दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता को लेकर उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है।

Multi Party Delegation: सरकार ने की पेशकश, थरूर ने मांगी कांग्रेस से राय
सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने शशि थरूर से संपर्क कर प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व का प्रस्ताव दिया, विशेषकर अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण देश के लिए। हालांकि, शशि थरूर ने इस पर सहमति जताने से पहले कांग्रेस पार्टी से परामर्श की बात कही है। न्यूज 18 के मुताबिक "वे चाहते हैं कि थरूर अमेरिकी दौरे वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें, क्योंकि वे विदेश मामलों की संसदीय समिति के चेयरमैन हैं,"।
Multi Party Delegation: 22 मई से रवाना होंगे दल
इस वैश्विक पहल के तहत 5-6 सांसदों के कई प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों में भेजा जाएगा। प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय (MEA) का एक अधिकारी और एक सरकारी प्रतिनिधि भी होगा। सांसदों को अपने पासपोर्ट और यात्रा से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है।
सभी यात्रा व्यवस्थाएं विदेश मंत्रालय द्वारा समन्वित की जाएंगी। प्रतिनिधिमंडल 22 मई के आसपास रवाना होगा और 3 से 4 जून के बीच भारत लौटने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इस बहुपक्षीय वैश्विक दौरे में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख सांसदों में शामिल हो सकते हैं।
Operation Sindoor पर थरूर के बयान से मचा था राजनीतिक विवाद
इस महत्वपूर्ण दायित्व के प्रस्ताव से पहले शशि थरूर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सार्वजनिक तौर पर समर्थन जताया था, जिससे उनकी पार्टी कांग्रेस के कुछ नेताओं में असंतोष देखा गया। माना जा रहा है कि उनकी टिप्पणी पार्टी की 'लक्ष्मण रेखा' को पार कर गई थी। लेकिन शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी बात 'एक भारतीय नागरिक' के नाते थी, न कि पार्टी प्रवक्ता के तौर पर।
"मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा था कि मैं अपने निजी विचार व्यक्त कर रहा हूं। यह राष्ट्रीय विमर्श में योगदान देने की एक कोशिश थी, विशेषकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के पक्ष को मजबूती से रखने की ज़रूरत थी," थरूर ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि, "मैं कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं हूं, सरकार का भी नहीं हूं। मेरी बातों से कोई असहमति हो सकती है, लेकिन उसे मेरी व्यक्तिगत राय के तौर पर ही देखा जाए।"
Multi Party Delegation: भारत की वैश्विक रणनीति में विपक्ष की भी भागीदारी
भारत सरकार द्वारा इस बार पहली बार ऐसा प्रयास किया जा रहा है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद एक साथ मिलकर भारत की कूटनीतिक रणनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। यह दर्शाता है कि आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सरकार, विपक्ष की सहभागिता को भी महत्व दे रही है।
इस पूरे प्रयास का उद्देश्य कश्मीर और सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तान की भूमिका को वैश्विक मंच पर उजागर करना है, साथ ही भारत की ओर से सुरक्षा, शांति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर उसके दृष्टिकोण को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
Multi Party Delegation: एकजुट भारत की अंतरराष्ट्रीय पहल
शशि थरूर को यह जिम्मेदारी सौंपा जाना दर्शाता है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय हित में विपक्षी नेताओं के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहती है। वहीं थरूर का यह कहना कि उन्होंने 'एक भारतीय के रूप में बात की'-देश के भीतर और बाहर, इस संदेश को और बल देता है कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो दलगत राजनीति से ऊपर उठना आवश्यक है।












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