मुकरोह में हिंसा के बाद मेघालय में संवेदनशील जगहों पर बनेंगे बॉर्डर आउटपोस्ट
Meghalaya: सीमावर्ती इलाकों में हिंसा को रोकने के लिए मेघालय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित संवेदनशील इलाकों में आटपोस्ट को बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बताया कि इस फैसले पर मुहर लगाने के लिए कैबिनेट की कल बैठक होगी, जिसमे अलग-अलग बॉर्डर आउटपोस्ट को संवेदनशील इलाकों में स्थापित करने के लिए तय किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर रह रहे नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। जिस तरह से मुकरोह में फायरिंग हुई थी उसकी मुख्यमंत्री ने निंदा करते हुए 2 मिनट का मौन रखा। इस दौरान उन्होंने कहा मुकरोह में फायरिंग की घटना मेघालय के लिए व्यक्तिगत क्षति है। मैंने नेताओं से अपील की है कि एक साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने के लिए काम करें और प्रदेश में आगे इस तरह की हिंसा ना हो इसको सुनिश्चित करें।
सीएम ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है, जो भी लोग इसमे शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की हिंसक घटना को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। जो भी कार्रवाई होगी वह कानून के तहत होगी। इस बीच मेघालय के 7 जिलों में इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर दिया है। इन जगहों पर इंटरनेट को 22 नवंबर की हिंसा के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था।
मुकरोह में हुई हिंसा में 6 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद से यहां भारी सुरक्षा बल को तैनात कर दिया गया था। असम-मेघालय सीमा पर हुई हिंसा में 6 लोगों की मृत्यु के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। जहां पर तनाव हुआ था वहां धारा 144 को लागू कर दिया गया था। पश्चिमी कार्बी अंगलोंग जिले में 22 नवंबर को सुबह हिंसा हुई थी। ट्रक में अवैध रूप से लदी लकड़ी को लेकर हुए विवाद के बाद यह हिंसा भड़की थी।












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