MUDA Scam: क्या 14 प्लॉट लौटाकर सिद्दारमैया ने सेल्फ गोल कर लिया है?
MUDA Scam Controversy: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की पत्नी बीएम पार्वती ने कानूनी शिकंजा कसने के बाद मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) की ओर से आवंटित 14 प्लॉट वापस करने की बात कही है। लेकिन, लगता है कि उनका यह दांव सीएम सिद्दारमैया को उलटा पड़ सकता है। सिद्दारमैया दावा कर रहे हैं कि उनकी पत्नी 'त्याग' कर रही हैं, लेकिन आरोप लगने लगे हैं कि उन्होंने घोटाले की बात कबूल कर ली है।
सिद्दारमैया की पत्नी ने MUDA चीफ को खत लिखकर कहा है कि उनके नाम से मैसुरु में जो बेशकीमती जमीनें आवंटित की गई हैं, उसे वह वापस लौटाना चाहती हैं। उनका दावा है कि उनके लिए पति और परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इसके बारे में उन्होंने अपने पति, बेटे या परिवार के किसी सदस्य से चर्चा नहीं की है।

लोकायुक्त, ईडी जांच शुरू होने के बाद जमीन लौटाने का फैसला
लेकिन, तथ्य यह है कि उन्होंने यह कदम तब उठाया है, जब लोकायुक्त पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जिसका संज्ञान लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनके, उनके पति सिद्दारमैया और उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। जबकि, लोकायुक्त पुलिस ने एक स्पेशल कोर्ट के आदेश पर 27 सितंबर को ही मामला दर्ज कर लिया था।
प्लॉट लौटाने के पत्नी के फैसले का मैं सम्मान करता हूं-सिद्दारमैया
सिद्दारमैया अपनी पत्नी के फैसले को 'त्याग' बताने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि 'प्लॉट लौटाने के मेरी पत्नी के फैसले से मैं हैरान हूं। मुझे निशाना बनाने के लिए जो राजनीतिक साजिश की गई है, उससे वह बहुत ज्यादा प्रभावित है। प्लॉट लौटाने के उसके फैसले का मैं सम्मान करता हूं।'
प्लॉट लौटाना अपराध कबूल करना है- बीजेपी
लेकिन, विपक्ष से लेकर दूसरे लोग भी जिस तरह के सवाल उठा रहे हैं, उससे लग रहा है कि सिद्दारमैया परिवार के फैसले ने उनकी मुश्किल कम करने की जगह बढ़ा ही दी है। बीजेपी का कहना है कि यह 'अपराध कबूल करना है।'
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा है, 'मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की पत्नी पार्वती ने 14 प्लॉट मूडा को लौटा दिए हैं, यह अपराध कबूल करना है। ये गलत तरीके से जमीन आवंटन के आरोपों में लोकायुक्त और ईडी की ओर से एफआईआर दर्ज होने के बाद किया गया है।'
'अपराध नहीं किया था, तो फिर प्लॉट क्यों लौटा दिए'
यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर को अपराध नहीं किया था, तो फिर प्लॉट क्यों लौटा दिए। बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने एक्स पर लिखा है, 'सबकुछ सही है और कुछ भी गलत नहीं हुआ है। फिर इतना बड़ा त्याग क्यों? 14 प्लॉट यूं ही लौटा दिया!' एक्स पर ही एक और व्यक्ति ने सवाल किया है, 'क्या सिद्दारमैया घोटाला कबूल कर रहे हैं।'
वहीं कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र का कहना है कि जमीन लौटाने का फैसला मूडा मामले में 'आधिकारिक तौर पर गड़बड़ी मानना है।' वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सवाल किया है कि 'जब भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो आप कोई चीज क्यों लौटा रहे हैं।' 'यह अपराध स्वीकार करना है।'
मूडा जमीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगे लंबा वक्त गुजर चुका है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें मिली शिकायतों पर जब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी तो उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। फिर जब कर्नाटक हाई कोर्ट से उन्हें झटका लग गया, तब जाकर इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। ऐसे में अब जाकर प्लॉट लौटाने के फैसले को 'त्याग' बताने की कोशिश पर सवाल उठना स्वाभाविक है।












Click it and Unblock the Notifications