महाकाली नदी पर पुल बनाने की योजना को मिली मंजूरी, जल्द भारत-नेपाल करेंगे एमओयू साइन
नई दिल्ली, 06 जनवरी: महाकाली नदी पर पुल बनाने की योजना को कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को मंजूरी दे गई है। यह पुल निर्माण के साथ-साथ से भारत और नेपाल के रिश्तों को भी मजबूत करेगा। कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि महाकाली नदी पर एक पुल के निर्माण के लिए भारत और नेपाल के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो उत्तराखंड (धारचूला) और नेपाल क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मदद करेगा।

मीडिया को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महाकाली नदी पर एक पुल के निर्माण के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही बताया कि जल्द ही भारत-नेपाल इस एमओयू पर साइन करेंगे। जानकारी के मुताबिक महाकाली नदी पर बनने वाले इस पुल के निर्माण में करीब तीन साल लगेंगे। आने वाले तीन सालों में पुल का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 7 राज्यों में लगभग 20 गीगावाट इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के फेज-2 को भी मंजूरी दे दी गई, इसके लिए 12,031 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी दी है। इस योजना से 2030 तक 450 GW स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में योगदान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस फेज के तहत गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को कवर किया जाएगा।
वहीं सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की भी गुरुवार को बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा चूक के मुद्दे को उठाया गया। इस घटना पर टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। गृह मंत्रालय ने भी एक रिपोर्ट मांगी है।












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