Worlds Most Polluted Cities: दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में भारत अव्वल, दिल्ली को पछाड़ इस शहर ने मारी बाजी
Worlds Most Polluted Cities: दुनिया भर में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली स्विस संस्था IQAir ने अपनी वार्षिक 'वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025' जारी कर दी है। मंगलवार, 25 मार्च को जारी इस रिपोर्ट के आंकड़े भारत के लिए बेहद चिंताजनक हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का लोनी (Loni) दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।वहीं नई दिल्ली ने एक बार फिर दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी होने का कलंक अपने नाम किया है।

भारत की वायु गुणवत्ता में पिछले साल की तुलना में मामूली सुधार तो हुआ है, लेकिन देश के 29 शहर अब भी दुनिया के टॉप-50 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हैं।
Loni Ghaziabad Pollution Rank: लोनी बना 'प्रदूषण का केंद्र'- 23% की भारी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित लोनी में वार्षिक औसत PM2.5 का स्तर 112.5µg/m³ दर्ज किया गया। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा (5µg/m³) से 22 गुना अधिक है। 2024 की तुलना में लोनी के प्रदूषण में लगभग 23% का उछाल देखा गया है। लोनी के बाद चीन का होटन (109.6µg/m³) दूसरे और मेघालय का बर्नीहाट (101.6µg/m³) तीसरे स्थान पर रहा।
IQAir World Air Quality Report 2025 में दिल्ली और NCR का हाल बेहाल
रिपोर्ट में 'दिल्ली' और 'नई दिल्ली' के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है।'नई दिल्ली' (82.2µg/m³) लगातार दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है। इसके बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका और ताजिकिस्तान की दुशांबे का नंबर आता है।
पूरे दिल्ली क्षेत्र का औसत PM2.5 स्तर 99.6µg/m³ रहा, जो इसे दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर बनाता है। हालांकि, 2024 (108.3µg/m³) के मुकाबले यहां 8% का सुधार देखा गया है। NCR के अन्य शहरों की स्थिति भी भयावह है। गाजियाबाद दुनिया में 7वें, नोएडा 18वें, ग्रेटर नोएडा 21वें और गुरुग्राम 23वें स्थान पर है।
राष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति क्या है, विशेषज्ञों की चिंता- 'सिर्फ आधे संकट पर है ध्यान'
दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की सूची में भारत छठे स्थान पर है। टॉप-5 प्रदूषित देश में पाकिस्तान (67.3µg/m³), बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य रहा। भारत का राष्ट्रीय औसत PM2.5 स्तर 2024 में 50.6µg/m³ था, जो 2025 में घटकर 48.9µg/m³ रह गया है (करीब 3% की गिरावट)।
'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' (CREA) के विश्लेषक मनोज कुमार ने रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत के 115 शहर ऐसे हैं जो भारत के अपने 'उदार' मानकों (40µg/m³) को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम सिर्फ धूल और धुएं पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन गैसीय प्रदूषकों की अनदेखी हो रही है। कई प्रदूषित शहर अब भी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के दायरे से बाहर हैं।"
IQAir रिपोर्ट में पूरी दुनिया का क्या है हाल?
IQAir की यह रिपोर्ट 143 देशों के 9,446 शहरों के डेटा पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के केवल 14% शहर ही WHO के वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा कर पाए। दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहर केवल तीन देशों- भारत, पाकिस्तान और चीन में स्थित हैं।
केवल 13 देश जैसे ऑस्ट्रेलिया, आइसलैंड, एस्टोनिया और प्यूर्टो रिको ही WHO के सुरक्षित मानकों पर खरे उतरे। IQAir के सीईओ फ्रैंक हैम्स ने चेतावनी दी है कि बिना निगरानी के हम यह नहीं समझ सकते कि हम कैसी हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने रियल-टाइम डेटा और उत्सर्जन कम करने पर जोर दिया है।












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