हरियाणा में प्रवासी मजदूरों ने बदली चाल, वापस लौटना चाहते हैं 1 लाख से अधिक लोग, जानिए क्या है वजह
नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जहां मजदूर दूसरे राज्यों से पलायन कर अपने घरों की ओर जा रहे हैं वहीं, हरियाणा में इसका उल्टा चलन ही देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा सरकार के वेब पोर्टल पर बिहार और उत्तर प्रदेश के 1.09 लाख प्रवासी मजदूरों ने राज्य में वापस लौटने के लिए आवेदन किया है। इसमें से अधिकतर मजदूर राज्य के गुड़गांव, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, यमुनानगर और रेवाड़ी जिले में लौटना चाहते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन जिलों में वापस आने के लिए 79.29% प्रवासी मजदूरों ने सरकार के वेब पोर्टल पर आवेदन किया है।

लॉकडाउन के बीच हरियाणा में बही उल्टी गंगा
गौरतलब है कि देशव्यापी लॉकाडउन के लागू होने के बाद से ही विभिन्न राज्यों से प्रवासी मजदूरों ने पैदल, साइकिल पर अपने घरों की ओर पलायन किया। इस बीच कई मजदूरों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। हरियाणा में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूर काम करते हैं। शुरुआत में यहां से भी लोगों बड़ी संख्या में पलायन किया लेकिन अब मजदूर राज्य में वापस आना चाहते हैं। इनमें से अधिकतर गुड़गांव जिले में काम करते हैं। जिले में वापसी के लिए 50,000 से अधिक मजदूरों ने आवेदन किया है। हरियाणा के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा, 'यदि प्रवासी श्रमिक हरियाणा आना चाहते हैं, तो हम उन्हें वापस लाने के लिए व्यवस्था बनाने की कोशिश करेंगे। राज्य में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।'

इस वजह से लौटना चाहते हैं वापस
अधिकारियों का मानना है कि राज्य के कम कोरोना वायरस का संक्रमण मजदूरों की वापसी का एक और कारण है। बता दें कि अब तक हरियाणा में 647 सकारात्मक मामलों की पुष्टि हुई है, जिसमें से आठ मौत हो चुकी है। हरियाणा सीआईडी के प्रमुख अनिल कुमार राव ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वे ऐसे लोग हैं जो काम पर वापस आना चाहते हैं, इसके अलावा वे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए यहां आने के लिए बेताब हैं।' बता दें कि हरियाणा सरकार ने छह दिन पहले उन लोगों के लिए वेब पोर्टल लॉन्च किया, जो हरियाणा में काम के लिए वापस आना चाहते हैं।

7.95 लाख प्रवासी मजदूर अभी भी घर जाना चाहते हैं
इस वेब पोर्टल पर 8 मई तक 1.46 लाख लोगों ने राज्य में वापस लौटने के लिए आवेदन किया जबकि 7.95 लाख प्रवासी मजदूरों ने राज्य छोड़ने के लिए आवेदन किया था। तीन-चौथाई लोग जो वापस आना चाहते हैं (74.5%) बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं, जबकि इन्हीं दो राज्यों से संबंधित 82.55% लोग वापस जाना चाहते हैं । हरियाणा सरकार ने उन्हें भेजने के लिए 100 ट्रेनों की मांग की है, शुक्रवार को प्रशासन ने दोहराया है कि वह श्रमिकों से किराए का पैसा नहीं लेगा।
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