Moon Soil: चांद की मिट्टी कैसी होती है, पृथ्वी से कितनी अलग है इसकी जमीन?
इन दिनों चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का इंतजार पूरा भारत कर रहा है। इसरो के वैज्ञानिक के मुताबिक चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग आज शाम 5 बजे होने की संभावना है। जब से चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हुई है लोग चंद्रमा के बारे में कई तरह की रोचक बातें गूगल पर सर्च कर रहे हैं। इसी क्रम में लोग यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर चंद्रमा पर मिट्टी का रंग कैसा होता है?
चंद्रमा पर मिट्टी कैसी होती है? पृथ्वी से कितनी अलग है यह
अगर आप सोच रहे हैं कि चांद की जमीन पृथ्वी जैसी ही होगी, तो यह आपकी भूल है। वहां की जमीन की स्थिति काफी अलग है। नासा की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक चांद पर मैदान, पहाड़ और घाटियां तो हैं लेकिन अब तक पानी और ऑक्सीजन नहीं मिला है। वैज्ञानिक इसी की खोज में लगे हैं। यहां की जमीन पृथ्वी जैसी समतल नहीं होती है, बल्कि यहां पर कई जगह गड्ढ़े होते हैं जो अंतरिक्ष की चट्टानों और एस्टेरॉइड के टकराने से हो जाते हैं। चंद्रमा पर कुछ चूर्ण जैसा पदार्थ वहां की जमीन को ढकता है और उसे लूनर रेजोलिथ कहते हैं। नीचे पढ़ें चांद की मिट्टी का रंग कैसा होता है?

चांद पर मिट्टी का रंग कैसा होता है?
चांद की मिट्टी भले ही सफेद कलर की दिखाई दे, लेकिन चांद की मिट्टी का रंग सफेद नहीं है. ये डार्क ग्रे कलर का है और इसका रंग सफेद, काला और थोड़ा बहुत ऑरेंज का मिश्रण है।
चांद पर गड्ढ़े के निशान कभी नहीं हटते
चांद पर कोई वायुमंडल नहीं है, इसलिए यहां कोई हवा नहीं है। जैसे अगर यहां कोई निशान बन जाए तो वो कभी हटते नहीं है। जैसे अंतरिक्ष यात्री जब कभी चंद्रमा पर चले थे, उनके धूल भरे कदम आज भी वहीं हैं और वो आगे भी वहां ही रहेंगे। साथ ही यहां कई कई चट्टानों के जैसी आकृति भी हैं।












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