Mood of The Nation: 73 फीसदी लोगों ने माना- संतोषजनक था कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार का तरीका
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ने लगभग एक साल से पूरी दुनिया को प्रभावित कर रखा है। लोगों के जीने का तरीका इस कदर बदल गया है जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती। ऐसे में क्या नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत को इस महामारी से निकालने के लिए कैसे काम किया? क्या पीएम मोदी के इस आश्वासन से लोगों को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था ठीक हो जाएगी? इंडिया टूडे और कार्वी इनसाइट्स ने इस संबंध में देश का मूड जानना चाहा और मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे किया।

इस सर्वे में पाया गया कि 73 प्रतिशत भारतीयों ने माना है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में कोरोना महामारी से निपटने से संतुष्ट हैं। 23 प्रतिशत भारतियों ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए पीएम मोदी का तरीका सबसे बेहतर था। 50 फीसदी ने माना कि सरकार का तरीका अच्छा था। 18 प्रतिशत ने इसे औसत कहा। सिर्फ 7 प्रतिशत ने सरकार के तरीकों को खराब बताया और 2 फीसदी ने इसे बहुत खराब बताया।
इसके अलावा किसान आंदोलन के बीच भी लोगों ने 34 फीसदी लोगों ने कृषि कानूनों को किसानों के लिए मददगार बताया है। वहीं, 32 फीसदी लोगों का कहना है कि इससे उद्योगपतियों को फायदा होगा। वहीं, 25 फीसदी लोगों का कहना है कि दोनों को फायदा होगा। इसी मुद्दे पर जब लोगों से सवाल पूछा गया कि किसान आंदोलन कैसे रुकेगा? 55 फीसदी लोगों ने कहा कि कृषि कानूनों में सुधार हो, जबकि केवल 28 फीसदी इस पक्ष में है कि कृषि कानून वापस हों। 10 फीसदी लोगों का माना है कि सरकार कुछ ना करे। किसान आंदोलन पर सरकार के रुख को भी अधिकतर लोग ठीक मानते हैं। 16 फीसदी लोगों ने बहुत अच्छा और 39 फीसदी ने अच्छा बताया है, जबकि 25 फीसदी ने संतोजनक बताया है, केवल 16 फीसदी लोगों ने सरकार के रुख को खराब और बहुत खराब बताया है।












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