बीजेडी को एक और मौका नहीं देगी जनता: डेलीहंट सर्वे
2019 में लोकसभा चुनावों के तुरंत बाद ओडिशा में चुनावी सगर्मियां तेज़ हो जायेंगी। देश में मोदी का जादू चले न चले, लेकिन ओडिशा में नवीन पटनायक की कुर्सी जाना लगभग तय है। यूं कहिये कि कुर्सी अभी से हिलने लगी है। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि डेलीहंट के द्वारा कराये गये चुनावी सर्वे में यह बात निकल कर सामने आयी है। जनता ने नवीन पटनायक को दोबारा मुख्यमंत्री चुनने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।

डेलीहंट ऐप के माध्यम से करवाये गये इस सर्वेक्षण में पांच दिन (15 सितम्बर से 30 सितम्बर 2018) में 50,156 लोगों ने हिस्सा लिया। हमारे इस सर्वे में पांच सवाल पूछे गये, जिनके जवाब जानने के बाद ओडिशा में उभरता नया राजनीतिक आइना आपको दिखाई देने लगेगा। लेकिन इस आइने में नवीन पटनायक का चेहरा थोड़ा धुंधला दिखाई देगा क्योंकि उनकी जगह धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर साफ झलक रही है।
बात अगर महागठबंधन की करें, तो 35% लोगों ने कहा कि भाजपा को हराने के लिये ओडिशा में भी महागठबंधन बनेगा, जबकि 65% लोग ऐसा नहीं मानते हैं। क्या अगले निर्वाचन में ओडिशा में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू चलेगा? इस पर 61 प्रतिशत लोगों ने कहा हां, जबकि 39 प्रतिशत लोग मानते हैं कि ओडिशा में मोदी का जादू नहीं चलने वाला।
सर्वे में हमने पूछा क्या अगले चुनाव में जनता ओडिशा का मुयमंत्री बदल देगी? इस पर 62 प्रतिशत लोगों ने हां कहा, जबकि 38 प्रतिशत लोगों का जवाब नहीं था।
अगले विधानसभा चुनावों में बीजू जनता दल यानी बीजेडी को एक और मौका दिया जाना चाहिये या नहीं, इस पर केवल 37% लोगों ने ही सहमति जताई। जबकि 63% लोगों का मानना है कि बीजेडी को फिर से सत्ता में आना चाहिये।
धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर उभरी
हमने पूछा कि ओडिशा में नवीन पटनायक के विकल्प कौन हो सकते हैं? इस पर 56% लोगों ने केंद्रीय मंत्री व ओडिशा से भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिया। वहीं 23% लोगों ने पूर्व सांसद जय पांडा और 21% लोगों ने ओडिशा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक के नाम पर क्लिक किया।












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