कृषि कानूनों की वापसी पर ओवैसी ने दिलाई CAA की याद, कहा-मोदी सरकार सीएए का कानून भी वापस लेगी
नई दिल्ली, 19 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में चलाए गए अभियान को याद दिलाया है। ओवैसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री कभी भी जन आंदोलन को हराने में कामयाब नहीं हुए हैं, सिर्फ उत्पीड़न किया है। ओवैसी ने कहा है कि मोदी सरकार अब जल्द ही सीएए का कानून भी वापस लेना होगा।

असदुद्दीन ओवैसी ने एक के बाद कई ट्वीट कर लिखा कि, चुनाव और कानूनों के खिलाफ अभियान ने प्रधानमंत्री को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। वे कभी भी एक जन आंदोलन को हराने में कामयाब नहीं हुए हैं, सिर्फ उत्पीड़न किया है, सीएए विरोधी अभियान से राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी लागू करने की बातों को विराम लग गया था, सीएए के नियमों को बनाया जाना अभी बाकी है। किसान के हठ से ही किसान आंदोलन को सफलता मिली है।
ओवैसी ने कहा कि, सरकार ने कृषि क़ानूनों को रद्द करने का फ़ैसला देरी से लिया है। यह किसान आंदोलन और किसानों की सफलता है। चुनाव में जाना था इसलिए केंद्र सरकार ने यह फ़ैसला लिया है। वह दिन भी दूर नहीं है, जब मोदी सरकार सीएए का क़ानून भी वापस लेगी। अगर उन्होंने अपने अहंकार और संविधान को एक तरफ रख दिया होता, तो ये कानून नहीं बनते और किसानों को मरने की जरूरत नहीं होती। देर से लिया गया फैसला है। मैंने हमेशा कहा है कि जब जनता विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरती है तो यह सरकार डर जाती है। यह सभी किसानों की जीत है।
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ओवैसी सिर्फ यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'एक देश एक चुनाव' के आइडिया पर भी सवालिया निशान लगा दिया और कहा कि वह भी एक खराब आइडिया है। ओवैसी ने कहा कि, संघ में सत्तारूढ़ दल को अपने पूरे कार्यकाल में लोकतांत्रिक रूप से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, और राज्य विधानसभा चुनाव उस उद्देश्य की पूर्ति करते हैं। सर्वोच्च नेता ने महसूस किया कि अरबपति उनकी मदद नहीं कर पाएंगे।
इससे पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि उनकी सरकार तीनों कृषि कानून किसानों के भले के लिए लेकर आई थी लेकिन वो कुछ किसान भाइयों को समझा नहीं पाए और अब सरकार कृषि कानूनों को वापस ले रही है। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार तीनों कानून वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करेगी। पीएम मोदी ने खुले मन से कहा कि ये समय किसी को भी दोष देने का नहीं है। सरकार ने 3 कृषि कानून वापस ले लिए हैं और अब किसान साथी अपने-अपने घर लौटें।












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