राम मंदिर के लिए अयोध्या डेस्क का गठन, मिले ये जिम्मेदारी

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    Ram temple के लिए Home Ministry में बना Ayodhya desk,जानें प्रमुख कौन, क्या होगा काम |वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। राम मंदिर मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण के लिए गृह मंत्रालय सक्रिय हो गया है और इसके लिए अयोध्या डेस्क का गठन किया गया है। यह डेस्क मंदिर से जुड़े तमाम मसलों की देखरेख करेगी। इस बाबत गृह मंत्रालय ने अयोध्या मसले को देखने के लिए अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में एक विंग का गठन किया गया है जोकि सिर्फ अयोध्या से जुड़े मसले को देखेगी। ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में गृह मंत्रालय की यह डेस्क अयोध्या से जुड़े सभी मामलों को देखेगी। बता दें कि ज्ञानेश कुमार जम्मू कश्मीर और लद्दाख से जुड़े विभाग के भी प्रमुख हैं।

    सभी मसलों को देखेगी ये डेस्क

    सभी मसलों को देखेगी ये डेस्क

    गृह मंत्रालय की यह डेस्क सभी मामलों की देखरेख करेगी जोकि राम मंदिर से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो प्रस्ताव भेजा गया है उसे भी यही डेस्क देखेगी। इसके अलावा अयोध्या डेस्क उन मामलों को भी देखेगी जिसमे सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को जमीन दी जाए। अधिकारी ने बताया कि इस तरह के सभी मामलों को गृह मंत्रालय की यह नई डेस्क ही देखेगी। बता दें कि ज्ञानेश कुमार इससे पहले जम्मू कश्मीर, लद्दाख से जुड़े मसलों को भी देख रहे हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म कर प्रदेश को दो राज्यों में बांटने में भी अहम भूमिका निभाई है।

    जल्द हो सकता है ट्रस्ट का गठन

    जल्द हो सकता है ट्रस्ट का गठन

    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मंदिर निर्माण के गठन के लिए ट्रस्ट का गठन किया जाए। इस ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन महीने के भीतर करना था। कोर्ट द्वारा दी गई अवधि 9 फरवरी को पूरी हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद इस ट्रस्ट के गठन का ऐलान कर दिया जाएगा। हाल ही में अमित शाह ने कहा था कि भाजपा का कोई भी नेता प्रस्तावित ट्रस्ट में नहीं होगा। विहिप ने भी यह साफ कर दिया है कि उनका कोई भी पदाधिकारी इस ट्रस्ट से सीधे तौर से नहीं जुड़ेगा।

    कोर्ट का फैसला

    कोर्ट का फैसला

    अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि विवादित स्थल मंदिर निर्माण के लिए दिया जाए, साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या के किसी अहम जगह दी जाए। कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने इस बाबत एक डेस्क का गठन किया है। माना जा रहा है कि यह डेस्क काफी अहम भूमिका निभाएगी।

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