जल्द ही हर साल बढ़ेगी केन्द्रीय कर्मचारियों की भी सैलरी, बनेगा नया नियम
नई दिल्ली। यूं तो अभी तक केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी समीक्षा के बाद वेतन आयोग के तहत बढ़ती है, लेकिन जल्द ही मोदी सरकार इस परंपरा को खत्म करने वाली है। आने वाले समय में हो सकता है कि केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी हर साल बढ़े। मोदी सरकार की योजना है कि वह एक कमेटी का गठन करेगी और इस योजना को लागू करना तर्कसंगत है या नहीं, इस बात का आकलन किया जाएगा।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार चाहती है कि केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी नियमित रूप से बढ़े। सातवें वेतन आयोग के प्रमुख जस्टिस एके माथुर ने भी कहा है कि सरकार और सरकारी खजाने के लिए यही बेहतर होगा कि केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी हर साल बढ़े ना कि दस साल में वेतन आयोग का गठन करके। अगर केन्द्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी तो फिर राज्य सरकार को भी अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ानी पड़ेगी।
सरकार की तरफ से वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सैलरी बढ़ाने पर सरकारी खजाने पर भी काफी बोझ पड़ता है। आपको बता दें कि सातवें वेतन आयोग के बाद मोदी सरकार के खजाने पर करीब 23 फीसदी का भार पड़ा है। हालांकि, स्मॉल स्केल सेक्टर में मोदी सरकार के इस फैसले से कुछ फर्क पड़ सकता है। सैलरी अधिक देने की वजह से कुछ लोगों की छंटनी हो सकती है।












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