मोदी सरकार का अगला प्लान, 2018 में आएगी नौकरियों की बहार
मोदी सरकार अगले बजट में कर सकती है राष्ट्रीय रोजगार नीति की घोषणा
नई दिल्ली। मोदी सरकार अगले साल अपने आखिरी बजट में राष्ट्रीय रोजगार नीति की घोषणा कर सकती है। यह भारत की पहली पहली राष्ट्रीय रोजगार नीति होगी। इस नीति के तहत सरकार देश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक और श्रम नीति के हस्तक्षेप के जरिए नौकरियां पैदा करने का रुपरेखा तैयार करेगी। इस कदम का उद्देश्य देश में नई नौकरियों पैदा न होने की स्थिति से निपटना है।

अगले बजट में हो सकती है घोषणा
इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक आगामी 2018-19 के बजट में मोदी सरकार इस नीति की घोषणा कर सकती है। 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा। इस नीति के तहत नए रोजगार पैदा करने वाले इंटरप्राइजेज को प्रोत्साहित करेगी जिसके की वे और नौकरियां पैदा करें। इसके अलावा सरकार छोटे और मझोले उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कुछ सुधार भी करेगी क्योंकि देश में सबसे ज्यादा रोजगार छोटे और मझोले उद्योग ही पैदा करते हैं।

दो मुद्दो को एक साथ साधेगी मोदी सरकार
सरकार का यह कदम एक साथ दो मुद्दो को साधेगी। जहां एक तरफ हर साल रोजगार के लिए तैयार हो रहे एक करोड़ युवाओं को गुणवत्ता युक्त रोजगार मिलेगा। दूसरा इन सभी युवाओं को संगठित क्षेत्र में नौकरी मिलेगी। बता दें कि अभी इस देश में नौकरी कर रहे 40 करोड़ लोगों में से सिर्फ 10 प्रतिशत ही संगठित क्षेत्र में नौकरी करते हैं।

पीएम मोदी ने हर साल 1 करोड़ रोजगार का किया था वादा
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने बेरोजगारी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए हर साल 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अगले बजट में राष्ट्रीय रोजगार नीति की घोषणा कर मोदी सरकार चुनाव के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा करना चाहेगी।












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