पंजाब के विकास पर मोदी सरकार का विशेष ध्यान, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को दी ऐसे रफ्तार

पंजाब दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है, जहां के हर कोने में एक इतिहास अंकित है। खासकर जब बात यातायात की हो तो पंजाब ने खुद को अवसर और विकास की भूमि के रूप में स्थापित कर लिया है।

पंजाब का रेलवे से गहरा ऐतिहासिक संबंध है। 1854 में जब उत्तर भारत की पहली रेल लाइन हावड़ा से रानीगंज तक बिछाई गई थी, तो वह इस राज्य से होकर गुजरी थी। इसके बाद प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे ने मोर्चे तक सैनिकों के पास राशन से लेकर गोला-बारूद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान सीमा पर होने के कारण पंजाब रेलवे नेटवर्क का रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है।

railway infrastructure in Punjab

हाल के वर्षों में भारत सरकार ने देश के रेलवे क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। नवाचार से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक पंजाब, देश की विकास यात्रा का अग्रदूत बन गया है।

भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया। रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले में लगभग 49 हजार करोड़ अधिक राजस्व अर्जित किया है। इस साल रेलवे का राजस्व 2.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ये पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 25 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।

पंजाब की कहानी भी कुछ अलग नहीं है। यहा‍ँ रेलवे की आधारभूत संरचना के विकास के लिए भारत सरकार ने खूब प्रयास किए हैं। सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में मोदी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। जिसके फलस्वरूप 2009 की तुलना में पंजाब का रेल बजट 21 गुना बढ़ गया है। यह पंजाब के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वर्तमान में पंजाब में 24,427 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1788 किलोमीटर की 16 परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें पंजाब में 22 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके लिए कुल 4,762 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान इन इमारतों को भव्य बनाने के साथ ही इलाके की परंपरा और सांस्कृतिक झलक भी यहां दिखाई जाएगी।

भारतीय रेलवे पंजाब में 3 सबसे महत्वपूर्ण 'T' यानी कि ट्रेवल(यात्रा), ट्रेड(व्यापार) और टूरिज्म(पर्यटन) को बढ़ावा देने में मदद कर रहा है।

केंद्र सरकार ने पंजाब में देश की सबसे अधिक आरामदायक और हाईटेक वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की है। दिल्ली-अमृतसर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत से न सिर्फ अमृतसर के स्‍वर्ण मंदिर में मत्‍था टेकने जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को फायदा हो रहा है बल्कि वाघा बॉर्डर और जलियांवाला बाग जाने वाले पर्यटकों को भी सुविधा हो रही है।

इसके अतिरिक्त, लुधियाना से होकर गुजरने वाली दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ने इस क्षेत्र के यातायात में और सुधार किया है। इससे यात्रा का समय कम हुआ है और सफ़र भी आरामदायक हो गया है। ये ट्रेनें अमूमन भरी रहने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों का आरामदायक विकल्प बन चुकी हैं।

दूसरी ओर, कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण हुआ है. जिससे अत्याधुनिक कोचों का उत्पादन सुनिश्चित करते हुए विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पंजाब में रेलवे क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के अभियान में रेलवे क्षेत्र ने महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। लुधियाना के पास साहनेवाल से शुरू होने वाला पूर्वी समर्पित माल गलियारा (EDFC) शुरु हो चुका है। यह कॉरिडोर लगभग 70 मालगाड़ियों को न्यू साहनेवाल से सोननगर तक निर्बाध यात्रा करने में सक्षम बनाता है।

EDFC की मदद से बंदरगाहों से माल की आवाजाही समय पर सुनिश्चित हो पाएगी और मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रैफिक भी कम होगा। फलस्वरूप माल ढुलाई में आधा समय बचेगा। पहले जिस माल ढुलाई में करीब 48 घंटे खर्च हो जाते थे। अब यह दूरी सिर्फ 24 घंटे में तय की जा सकती है।

मोदी सरकार पंजाब के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति बेहतर करने के लिए अलग से भी फंड जारी कर रही है। मुकेरियां-तलवाड़ा के बीच नई बड़ी लाइन बनने जा रही है। इस रेलवे लाइन के निर्माण से न केवल कनेक्टिविटी में सुधार होगा बल्कि व्यापार और पर्यटन के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

सुल्तानपुर लोधी रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है। आपको बता दें कि सुल्तानपुर लोधी शहर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि गुरु नानक देव जी ने अपनी प्रसिद्ध यात्राओं पर निकलने से पहले अपने जीवन के लगभग 14 वर्ष यहीं बिताए थे। त्योहारी सीजन में इस स्टेशन पर 1.5 लाख यात्री आते हैं। इसके आधुनिकीकरण से इन यात्रियों को यात्रा में आसानी होगी।

देशभर के सिख धर्म स्थलों के दर्शन कराने के लिए गुरु कृपा यात्रा ट्रेन शुरू की गई है, जिसे सिख तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देनी वाली इस योजना के अंतर्गत यात्रियों को सिख धर्म से जुड़े पांच पवित्र तख्त और भारत के अन्य प्रमुख गुरुद्वारों के दर्शन कराए जाते हैं।

हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरुआत और मौजूदा रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्री बेहतर अनुभव कर रहे हैं। 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत, पंजाब के 22 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी और स्टेशनों पर हाईटेक सुविधाएं मिल पाएंगी।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सबसे अधिक लुधियाना स्टेशन को 460 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को 99 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ये प्रमुख परिवहन केंद्रों के आधुनिकीकरण के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का द्योतक है।

इसके अलावा 2014 के बाद से राज्य में 350 रेलवे फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण हुआ है, जिससे भीड़भाड़ कम हुई है और सुरक्षा बढ़ी है। ये पहल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में सुधार कर नागरिकों के यातायात को सुगम और सुरक्षित बना रही है। इसके अलावा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।

मोदी सरकार का पंजाब में कनेक्टिविटी और सुविधा में सुधार पर अत्यधिक ध्यान है। बुनियादी रेल ढांचे को बढ़ाकर न केवल आर्थिक संभावनाओं में सुधार कर रहा है बल्कि राज्य के निवासियों के लिए गुणवत्तापूर्ण जीवन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

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