Cabinet Decision: जल जीवन मिशन 2.0 से एयरपोर्ट तक, मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले कौन-कौन से? बंगाल को खास तोहफा
Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, पानी और कनेक्टिविटी से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 6 बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई और लगभग ₹8.8 लाख करोड़ के फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य देश में विकास की रफ्तार बढ़ाना, कनेक्टिविटी मजबूत करना और आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है।
इन फैसलों में जल जीवन मिशन 2.0, मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा, रेलवे की नई चौथी लाइनें, मध्य प्रदेश में हाईवे अपग्रेड और जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

1. देशभर में पाइप से पानी का विस्तार: जल जीवन मिशन 2.0 (Jal Jeevan Mission 2.0)
कैबिनेट में जिस योजना पर सबसे बड़ी चर्चा हुई, वह जल जीवन मिशन 2.0 है। सरकार का लक्ष्य देश के हर ग्रामीण घर तक पाइप से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। पहले चरण में करोड़ों घरों को नल से पानी मिला है और अब दूसरे चरण में शेष इलाकों को कवर करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी।
2. मदुरै एयरपोर्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा (Madurai International Airport)
कैबिनेट ने तमिलनाडु के मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने का फैसला लिया है। इससे दक्षिण भारत के इस प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र को बड़ी उड़ान मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद यहां से विदेशों के लिए सीधी उड़ानों की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।
3. रेलवे में बड़ा विस्तार: दो नई चौथी लाइन परियोजनाएं (Indian Railways Multi Tracking Project)
- रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने दो मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत करीब ₹4,474 करोड़ है।
- इन परियोजनाओं में सैंथिया-पाकुड़ चौथी रेलवे लाइन और संत्रागाछी-खड़गपुर चौथी रेलवे लाइन शामिल हैं।
- ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल और झारखंड के 5 जिलों में लागू होंगी और करीब 192 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क का विस्तार करेंगी। इससे करीब 5652 गांवों और लगभग 1.47 करोड़ आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- रेल मंत्रालय के अनुसार, इन लाइनों के बनने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी, जिससे रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होगी।
- इन मार्गों से कोयला, पत्थर, डोलोमाइट, सीमेंट, लोहा-इस्पात और अनाज जैसे जरूरी सामान की ढुलाई आसान होगी। अनुमान है कि इससे हर साल 31 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव हो सकेगा।
- पर्यटन के लिहाज से भी यह नेटवर्क महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बोलपुर-शांतिनिकेतन, तारापीठ, नंदिकेश्वरी मंदिर, भीमबंध वन्यजीव अभयारण्य जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान होगी।
- सरकार का दावा है कि रेलवे परियोजनाओं से तेल आयात में लगभग 6 करोड़ लीटर की बचत और CO₂ उत्सर्जन में 28 करोड़ किलोग्राम तक कमी आ सकती है, जो लगभग 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
3. मध्य प्रदेश में बनेगा नया चार लेन हाईवे (Delhi Mumbai Expressway Connectivity)
- कैबिनेट ने मध्य प्रदेश के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन को चार लेन हाईवे बनाने की भी मंजूरी दी है।
- यह परियोजना NH-752D पर लगभग 80.45 किलोमीटर लंबाई में विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत ₹3,839.42 करोड़ है।
- यह सड़क उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने में मदद करेगी। इसके बनने से यात्रा समय लगभग एक घंटे तक कम हो सकता है।
- यह इलाका धार और झाबुआ के आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरता है, इसलिए सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
4. जेवर एयरपोर्ट तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी (Jewar Airport Connectivity Project)
- कैबिनेट ने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को मंजूरी दी है।
- इस परियोजना की कुल लागत ₹3,630.77 करोड़ होगी और इसकी लंबाई लगभग 31.42 किलोमीटर होगी।
- यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा। परियोजना का लगभग 11 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड हाईवे के रूप में बनेगा।
- यह सड़क ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ेगी, जिससे मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा और एनसीआर में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव?
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज की बैठक में छह बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई और इन सभी का कुल मूल्य लगभग ₹8.8 लाख करोड़ है। उनके मुताबिक, इन फैसलों का उद्देश्य देश में बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
सरकार के मुताबिक ये परियोजनाएं PM Gati Shakti National Master Plan के तहत बनाई गई हैं। इसका लक्ष्य देश में मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है।
रेलवे विस्तार, हाईवे अपग्रेड, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और पानी की योजनाएं मिलकर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने की कोशिश हैं। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।












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