Modi Cabinet 3.0: मंत्रिमंडल के बंटवारे से पीएम मोदी ने दिया बड़ा संकेत, पढ़िए Inside Story
Modi Cabinet 3.0: लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। लोकसभा चुनाव में एनडीए को 292 सीटों पर जीत मिली है, ऐसे में इस सरकार में एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका काफी अहम है।
दरअसल इस बार भाजपा बहुमत के आंकड़े से 32 सीट दूर रह गई और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। यही वजह है कि इस बार मोदी सरकार में एनडीए के अन्य दलों की भूमिका काफी अहम है।

हालांकि सरकार के गठन से पहले माना जा रहा था कि इस बार बड़े मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है और कुछ बड़े मंत्रालय सहयोगी दलों के खाते में जा सकते हैं। लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार में मंत्रिमंडल का बंटवारा हुआ है, उसमे फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
गठबंधन की सरकार में भी नहीं समझौता
गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, कृषि मंत्रालय ये तमाम अहम मंत्रालय भाजपा के पास ही हैं। इससे भी अहम बात यह है कि अधिकतर मंत्रालयों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और पूर्व के मंत्रियों को ही इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बड़े मंत्रालयों में नहीं फेरबदल
अमित शाह को एक बार फिर से देश का गृहमंत्री बनाया गया है, राजनाथ सिंह के पास फिर से रक्षा मंत्रालय आ गया है, एस जयशंकर फिर से विदेश मंत्री बने रहेंगे। अश्विनी वैष्णव भी रेल मंत्री बरकरार रहेंगे।
निर्मला सीतारमण पहले की तरह वित्त मंत्री बनी रहेंगी। सड़क एवं परिहवन मंत्री के तौर पर नितिन गडकरी अपनी भूमिका फिर से निभाते नजर आएंगे।
ये अहम मंत्रालय भी भाजपा के पास
इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय, पोर्ट एवं शिपिंग, अल्पसंख्यक मंत्रालय, कानून मंत्रालय टेक्सटाइल, बाल कल्याण मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालय भी भाजपा के पास ही हैं।
काम की रफ्तार पर नहीं लगेगी ब्रेक
इन अहम मंत्रालयों के बंटवारे के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि अहम मंत्रालयों में जिस तरह से योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा था, उसकी रफ्तार पर कोई ब्रेक नहीं लगेगी और पूर्व के मंत्रियों को ही इस जिम्मेदारी को आगे भी निभाने के लिए कहा गया है।
सिर्फ एक मंत्रालय सहयोगी दल के खाते में
पिछली सरकार में अहम मंत्रालय जो भाजपा के पास थे, उसमे से सिर्फ एक ही मंत्रालय ऐसा है जो सहयोगी दल के खाते में गया है। सहयोगी दलों के पास एक मात्र अहम मंत्रालय नागरिक उड्डयन मंत्रालय गया है, जोकि पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास था। इस बार टीडीपी सांसद राम मोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है।
शिवराज-खट्टर को बड़ी जिम्मेदारी
वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनोहर लाल खट्टर को हाउसिंग एवं अर्बन अफेयर का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि शिवराज सिंह चौहान को देश का कृषि मंत्री बनाया गया है।
पहले की तरह चलती रहेगी सरकार
ऐसे में जिस तरह से इस लोकसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत से दूर जरूर रह गई है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रालयों के बंटवारे से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार लगातार तीसरी बार भी पहले की ही तरह आगे चलती रहेगी।












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