भारत में मॉडर्ना की वैक्सीन को DCGI से आज मिल सकती है मंजूरी, सिप्ला ने आयात की मांगी परमिशन
नई दिल्ली, जून 29। दवा निर्माता कंपनी सिप्ला (Cipla) ने भारत में मॉडर्ना की वैक्सीन के आयात के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मांगी है। उम्मीद है कि DCGI मंगलवार को ही सिप्ला को ये मंजूरी प्रदान कर सकता है। आपको बता दें कि मॉडर्ना का इस्तेमाल अमेरिका में किया जा रहा है और कोरोना वायरस पर इस वैक्सीन की प्रभावकारिता सबसे अधिक है। अगर DCGI इसकी मंजूरी प्रदान कर देता है तो मॉडर्ना की वैक्सीन भारत में भी मिलना शुरू हो जाएगी।
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अमेरिका में लगाया जा रहा है मॉडर्ना का टीका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी संभावना है कि मॉडर्ना के टीके को भारत में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूर किया जा सकता है। आपको बता दें कि मॉडर्ना की वैक्सीन का अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। आंकड़ों के लिहाज से अमेरिका में अब तक 12 करोड़ लोगों को फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन दी जा चुकी है।
किसने मॉडर्ना की वैक्सीन को किया विकसित?
अमेरिका में मॉडर्ना की वैक्सीन mRNA-1273 'स्पाइकवैक्स' ब्रांड नाम के तहत बेची जा रही है। इसे दवा कंपनी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) और बायोमेडिकल एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के सहयोग से विकसित किया था।
आपको बता दें कि सिप्ला से पहले दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी केंद्र सरकार से फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को जल्द से जल्द मंजूरी देने की मांग की थी। दिल्ली सरकार ने कहा था कि भारत में जितनी तेजी से टीकाकरण होगा, उतनी ही जल्दी यह कोविड से सुरक्षित होगा। दिल्ली सरकार से पहले नेशनल कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल भी इन वैक्सीन के आयात की मांग कर चुके हैं। वहीं केंद्र सरकार भी लगातार विदेशी वैक्सीनों के आयात को लेकर लगातार संपर्क में है।












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