Article 370: जम्मू के 5 जिलों में मोबाइल इंटरनेट बहाल होने के एक दिन बाद फिर से बंद
नई दिल्ली- जम्मू के 5 जिलों में शनिवार को ही लो स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू की गई थी, जिसे रविवार को फिर से बंद कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि पाबंदी हटने के बाद जम्मू में किसी तरह की अफवाहों को रोका जा सके। इन लो स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को रविवार दोपहर बाद ही फौरन बंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बीच रविवार को जम्मू के पेट्रोल पंप्स पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई।

जम्मू में मोबाइल इंटरनेट फिर बंद
पाबंदियों में ढील का असर जम्मू में रविवार सुबह से ही देखा जा रहा था। रविवार को जम्मू के पेट्रोल पंप पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। लोग लंबी-लंबी कतारों में पेट्रोल पंप पर तेल भराते देखे गए। लेकिन, दोपहर बाद उन्हें मोबाइल इंटरनेट सेवा फिर से रोके जाने की खबर मिल गई। आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद कश्मीर के अलावा जम्मू के इलाकों में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हुई थी। सरकार ने धीरे-धीरे पाबंदियां कम करने के प्रयास में शनिवार को जम्मू के पांच जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी में लो स्पीड (2जी) मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दिए थे। लेकिन, रविवार को अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए और शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए एकबार फिर से उन सेवाओं को बंद कर दिया गया है।

कड़ी चेतावनी के बाद भी नहीं मान रहे थे लोग
जम्मू क्षेत्र के पांच जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के बाद जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह ने लोगों को सख्त लहजे में चेताया था कि सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश या विडियो फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, लगता है कि लोग अपनी हरकतों को रोकने के लिए तैयार नहीं हुए, इसलिए प्रशासन ने फिर से प्रतिबंध जारी रखने का फैसला किया है। बता दें कि 5 अगस्त को आर्टिकल 370 समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के एक दिन पहले ही कश्मीर के साथ-साथ जम्मू क्षेत्र में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई थी। गौरतलब है कि राजौरी जिले में फेसबुक पर माहौल बिगाड़ने वाले पोस्ट के लिए दो लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था। जानकारी के मुताबिक दोनों व्यक्तियों की फेसबुक आईडी अतीक चौधरी और फारूक चौधरी के नाम से मिली थी। इसके बाद दोनों लोगों के खिलाफ धार्मिक और क्षेत्र के आधार पर भावना भड़काने का मामला दर्ज किया गया था।

बजरंग दल-वीएचपी की रैली के चलते पाबंदी?
इस बीच एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक मोबाइल इंटरनेट सेवा दोबारा बंद करने का फैसला विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की बाइक रैली के मद्देनजर लिया गया है। एनडीटीवी के मुताबिक प्रशासन ने किसी भी तरह के प्रदर्शन या हिंसा को टालने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया है। बता दें कि शनिवार तक कश्मीर में 100 में से 17 टेलीफोन एक्सचेंज काम करने लगे थे। सेंट्रल कश्मीर के बडगाम, सोनमर्ग और मनिगाम इलाकों में लैंडलाइन की सेवाएं बहाल हो गई थीं। नॉर्थ कश्मीर के भी गुरेज, तंगमार्ग, उरी, केरन, करनाह और तंगधार इलाकों में भी बेसिक फोन काम करने लगे थे। श्रीनगर के भी सिविल लाइंस, कैंटोंमेंट इलाका और एयरपोर्ट के पास लैंडलाइन फोन पर बातचीत शुरू हो गई थी। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि 20 और टेलीफोन एक्सचेंज भी जल्दी से काम करना शुरू कर देंगे।












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