ICMR की स्टडी में दावा- कोवैक्सीन और कोविशील्ड का मिश्रण पूरी तरह सुरक्षित
नई दिल्ली, 8 अगस्त: कोरोना वायरस के खिलाफ युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम जारी है। मौजूदा वक्त में कोविशील्ड, कोवैक्सीन और रूस की स्पुतनिक वी की दो-दो डोज भारत में लोगों को दी जा रही है। इस बीच लोगों के मन में ये सवाल था कि अगर वैक्सीन की दोनों डोज दो अलग-अलग कंपनियों की हो तो क्या होगा? इसको लेकर ICMR भी एक स्टडी कर रहा था, जिसके अच्छे रिजल्ट आने शुरू हो गए हैं।
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ICMR के मुताबिक उनकी ओर से सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मिक्स किया गया था। इसके बाद इसका परीक्षण किया गया, जिसके बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। स्टडी में पता चला कि एक एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म-आधारित वैक्सीन के कॉम्बिनेशन के साथ टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित था। इसके अलावा उससे बेहतर इम्युनोजेनेसिटी भी प्राप्त हुई। हालांकि अभी इस पर गहन अध्ययन बाकी है। अगर ये परीक्षण सफल रहा, तो भविष्य में दो वैक्सीन का कॉकटेल लोगों को दिया जा सकता है।
रूस में भी ऐसा परीक्षण
कुछ दिनों पहले रूसी वैज्ञानिकों ने भी ऐसा परीक्षण किया था। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के मुताबिक एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और स्पुतिनिक वी के मिश्रण का परीक्षण कई लोगों पर किया गया। इस दौरान वॉलंटियर्स में कोई साइड इफेक्ट या इनफेक्शन का मामला सामने नहीं आया। इसके अलावा वैक्सीन का मिश्रण लोगों को वायरस से भी सुरक्षा प्रदान कर रहा है। हालांकि ये अभी शुरुआती नतीजे हैं, इसके सकारात्मक इम्युनोजेनेसिटी परिणाम अगस्त तक आ सकते हैं।
एक और वैक्सीन मंजूर
भारत सरकार ने देश में अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की एक डोज वाली कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करते हुए जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को अप्रूवल देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के पास अब कोरोना के खिलाफ 5 टीके हो गए हैं। इससे कोरोना से पार पाने में मदद मिलेगी।












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