Miss India 2022: भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं सिनी शेट्टी, प्रियंका चोपड़ा को मानती हैं आदर्श, जानिए खास बातें
मुंबई, 04 जुलाई। कर्नाटक की 21 वर्षीय सिनी शेट्टी ने मिस इंडिया 2022 का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार शाम को आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में सिनी के सिर पर ताज सजा, वहीं दूसरी ओर राजस्थान की रुबल शेखावत मिस इंडिया 2022 फर्स्ट रनर-अप और उत्तर प्रदेश की शिनाता चौहान मिस इंडिया 2022 सेकेंड रनर-अप बनीं। सिनी शेट्टी के मिस इंडिया चुने जाने के बाद हर जगह केवल वो ही छाई हुई हैं। हर कोई उन्हीं के बारे में जानने के लिए बेताब है।
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भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं सिनी शेट्टी
21 साल की सिनी वैसे तो मूल रूप से कर्नाटक से हैं लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण मुंबई में ही हुआ है। वो अकाउंटिंग और फाइनेंस में स्नातक हैं और उन्होंने भरतनाट्यम नृत्य की शिक्षा ली है। मात्र 14 साल में सिनी ने अपना Arangetram सेरोमनी को पूर कर किया था। ETimes के अनुसार, वह वर्तमान में CFA (चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक) का कोर्स कर रही हैं और इसके साथ वो एक मार्केटिंग कंपनी में भी काम कर रही हैं।

पूर्व विश्वसुंदरी प्रियंका चोपड़ा को आदर्श मानती हैं
ETimes से ही बात करते हुए सिनी ने कहा कि वो पूर्व विश्वसुंदरी प्रियंका चोपड़ा को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग होते हैं, जिनकी बातें आपके दिल-दिमाग पर असर डालती हैं। मेरे साथ भी ऐसा तब हुआ जब मैंने ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा की वो बात सुनी, जब उन्होंने कहा था कि "एक कांच की चप्पल में खुद को जबरदस्ती मत ठूंसो। इसके बजाय कांच को तोड़ डालो।"

'मेरे जीवन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं मेरी दादी'
प्रियंका के अलावा सिनी के जीवन को प्रभावित करने वाली दूसरी शख्सियत उनकी दादी हैं। मिस इंडिया 2022 ने कहा, "मुझे प्रभावित करने वाले लोगों की एक लंबी सूची है। मेरे मम्मी-पापा ने मुझे जीवन दिया, मैं जो भी हूं उन्हीं के कारण हूं, मेरे मेंटर्स ने मुझे हर वक्त गाइड किया , मुझे सही-गलत बताया लेकिन मेरे जीवन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं मेरी दादी। वह करुणा, मूल्यों, बुद्धिकौशल की पर्याय हैं। उनका मार्गदर्शन और आशीष ही है जो मैं आज यहां पहुंची हूं।"

'मैं खुद को दृढ़ और मेहनती मानती हूं'
जबकि एक मीडिया पब्लिकेशन से बात करते हिए सिनी ने कहा कि " आप सीधे जंप करके एकदम से मंजिल को नहीं पा सकते हैं बल्कि मंजिल तक पहुंचने के लिए एक यात्रा से गुजरना पड़ता है, जिसमें बहुत सारे मोड़ आते हैं, हर किसी को इस जर्नी की रिस्पेक्ट करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि हर महिला को 'दृढ़, मेहनती और दयालु' बनने का प्रयास करना चाहिए और अगर मेरी बात की जाए तो 'मैं खुद को दृढ़ और मेहनती मानती हूं।'












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