Milkipur Bypoll: मिल्कीपुर में PDA बनाम MPDA, योगी या फिर अखिलेश...किसकी सोशल इंजीनियरिंग पड़ेगी भारी?
Milkipur Bypoll: लोकसभा चुनाव 2024 में अयोध्या सीट से हार का बदला अवधेश प्रसाद के गढ़ से चुकता करने के लिए बीजेपी पूरी सोशल इंजीनिरिंग के साथ आगे बढ़ रही है। समाजवादी पार्टी के पिछड़ा दलित गठबंधन यानी पीडीए की काट के लिए भाजपा हर उस प्रयास में जुटी है, जिससे जीत सुनिश्चित हो सके। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ये चुनाव बीजेपी के लिए नाक का सवाल बन चुका है।
मिल्कीपुर में क्षेत्र में लगातार बीजेपी के उन नेताओं के दौरे हो रहें जिन्हें योगी कैबिनेट में जगह मिली है। हाल में कृषि एवं सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के दौरे के बाद कई जोड़ तोड़ की खबरें भी आईं, हालांकि बीजेपी इसको लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं,लेकिन बीजेपी वो सब कर रही है, जिससे अयोध्या लोकसभा सीट की हार का बदला अवधेश प्रसाद के गढ़ यानी मिल्कीपुर से लिया जा सके।

अखिलेश यादव PDA के दम पर इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहते हैं। इस फार्मूले से समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 में 37 सीटें हासिल कर ली थीं। लेकिन अब बीजेपी इसके खिलाफ अपनी सोशल इंजीनियरिंग तैयार कर ली है। अखिलेश यादव के PDA के मुकाबले में सीएम योगी का MDPA वाला फार्मूला तैयार की है,जिससे बीजेपी हाल में ही विधानसभा के उप चुनाव में 9 में से सात सीटें जीतीं।
क्या है PDA बनाम MPDA
समाजवादी पार्टी के पीडीए एजेंडे से MPDA एक कदम बढ़कर है, जो अपने आप में सपा पर एक बड़ा तंज भी है। दरअसल, अखिलेश यादव के पीडीए का मतलब पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चलना है। जबकि सीएम योगी के MPDA में महिला, दलित, पिछड़ा और अगडे वर्ग के वोटरों को भी लेकर चलने की बात हो रही है।
दावा ये भी किया जा रहा है कि सपा सांसद अवधेश प्रसाद का अगड़ी जाति के वोटरों में अच्छा खासा प्रभाव है, जिसे कम करने के लिए सीएम योगी एक खास दांव खेला है। इसके तहत बीजेपी मोईन खान से जुड़े मुद्दे को आगे करने के साथ सपा पर महिलाओं के बार- बार अपमानित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।












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