दिल्ली के यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में मजदूरों की भीड़, घर जाने की आस में कर रहे इंतजाऱ

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की वजह से अलग-अलग प्र्देश को जो प्रवासी मजदूर दिल्ली में फंसे हैं, वो सभी यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में जमा हो रहे हैं। इन तमाम प्रवासी मजदूरों के लिए यहां शेल्टर होम बनाया गया है। यहां पर ये मजदूर खुद को रजिस्टर करा सकते हैं, ताकि वह अपने घर को जा सके। इन लोगों को यहां पर खाना और रहने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यूपी के हरदोई जिले के रहने वाले विराज सिंह का कहना है कि वह हरियाणा के पानीपत से पैदल चलकर यहां पहुंचे हैं। उनका कहना है कि वह छह महीने पहले पानीपत नौकरी की तलाश में गए थे, वहां वह मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे। बुधवार को वह अपने दोस्त के साथ पैदल ही यहां के लिए निकल लिए, 87 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद वह दिल्ली पहुंचे हैं और अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उन्हें हरदोई पहुंचाएगी।

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वहीं विराज के दोस्त शिवम का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से पानीपत में कोई काम नहीं था करने को, हमने यहां पैदल चलकर आए हैं ताकि अपने घर पहुंच सके। इसके अलावा भी कई प्रवासी मजदूर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में इकट्ठा हैं। उमापति शुक्ला जोकि यूपी के गोंडा के हैं उनका कहना है कि मुझे ट्रेन का रिजर्वेशन गुरुवार की सुबह 3.51 बजे मिला, मैं जल्दी से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां पहुंचा। टिकट का मैसेज मिलने के बाद भी आठ घंटे बीत गए लेकिन हमे वापस अपने घर नहीं भेजा गया। शुक्ला प्रॉपर्टी डीलर हैं उनका कहना है कि अब गुजर बसर काफी मुश्किल है। मैं पिछले 15 साल से दिल्ली में रह रहा हूं। लॉकडाउन में कोई काम नहीं है। बता दें कि यहां से गुरुवार को 1250 मजदूरों को को रेलवे स्टेशन भेजा जा चुका है ताकि वह ट्रेन से अपने घर जा सके। जिसमे से 750 यूपी के हैं।

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