पाकिस्तान के साथ चीन को भी सख्त संदेश, विदेश मंत्री बोले- दुनिया जानती है अब किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा भारत
नई दिल्ली, 18 जुलाई: मोदी सरकार ने आज एक मंच से पाकिस्तान और चीन दोनों की ओर इशारों में सख्त संदेश दिया है। मौका कल से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए भाजपा सांसदों को तैयार करने का था। इसमें देश की विदेश नीति पर मोदी सरकार के ऐक्शन की जानकारी देने विदेश मंत्री एस जयशंकर खुद पहुंचे और उन्होंने बता दिया कि मौजूदा सरकार की सख्त नीतियों के सामने कैसे पाकिस्तान और चीन जैसे देश की चालबाजियां कुंद हो चुकी हैं। उन्होंने डोकलाम और लद्दाख में चीन की हरकतों का हवाला देते हुए कहा है कि अब दुनिया को पता चल चुका है कि ड्रैगन की गुस्ताखियां अब भारत नहीं सहने वाला है।

पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को भी सख्त संदेश!
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में बने रहने का श्रेय रविवार को मोदी सरकार को दिया है और कहा है कि इसी की कोशिशों से यह सुनिश्चित हो सका है। यही नहीं उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की वजह से ही आतंकवाद को दुनिया वैश्विक समस्या मान रही है, न कि ऐसी समस्या जो चंद देशों तक सीमित हों। उन्होंने कहा है कि ऐसे दो मौके आए हैं, जब मोदी सरकार चीन की चुनौतियों के सामने डटकर खड़ी रही है और दुनिया समझ गई है कि अब भारत, चीन के दबावों के सामने सरेंडर नहीं करेगा। विदेश मंत्री के स्तर पर इस तरह का बयान दोनों देशों को सीधा संदेश माना जा रहा है।
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भारत की वजह से पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में-विदेश मंत्री
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान सरकार की विदेश नीति को लेकर यह बातें कही हैं। यह प्रोग्राम सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के लिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा सांसदों की सहायता के मकसद से आयोजित किया गया है। इस मौके पर विदेश मंत्री बोले, 'जैसा कि एफएटीएफ के बारे में आप जानते हैं कि यह आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाता है और आतंकवाद के समर्थन में इस्तेमाल की जाने वाले काले धन पर नजर रखता है। हमारी वजह से पाकिस्तान एफएटीएफ की निगरानी में है और इसे ग्रे लिस्ट में रखा गया है।'

पाकिस्तानी आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में भी रहा भारत का रोल
यही नहीं जयशंकर ने कहा है कि मोदी सरकार की कोशिशों के चलते ही वैश्विक स्तर पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा है, 'हम लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखने में कामयाब हुए हैं और सच्चाई ये है कि पाकिस्तान के बर्ताव में बदलाव आया है, क्योंकि भारत ने विभिन्न तरीके से दबाव बनाया है। एलईटी और जेईएम के आतंकवादी भी संयुक्त राष्ट्र के जरिए भारत के प्रयासों से पाबंदियों के दायरे में आए हैं।' उन्होंने कहा है कि जी7 या जी20 जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व समुदाय को यह समझाने में कामयाब रहे हैं कि आतंकवाद वैश्विक चिंता का मुद्दा है।

'दुनिया जानती है भारत अब चीन के दबाव के आगे नहीं झुकेगा'
विदेश स्तर पर भारत ने किस तरह की चुनौतियों का सामना किया है, इसके बारे में वो बोले कि 'दो उदाहरण हैं, जब हमने चीन की चुनौतियों का सामना किया है।' उनके मुताबिक, 'एक डोकलाम था, जहां चीन को पीछे हटना पड़ा और दूसरा तब जब उन्होंने लद्दाख में एलएसी के उल्लंघन की कोशिश की। यह तब किया (मई, 2020 में) जब हम कोविड-19 संक्रमण का सामना कर रहे थे। इसके बावजूद हमने जमीन पर माकूल जवाब दिया और रक्षा मंत्रालय के साथ तालमेल करके बातचीत भी की।' इतना ही नहीं, विदेश मंत्री ने यहां तक कहा कि 'अब दुनिया जानती है कि भारत अब चीन के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।'












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