महाराष्ट्र पर जारी सियासी घमासान में महबूबा की बेटी भी कूदी, कही ये बात

नई दिल्ली- पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बहाने एक बार फिर से अपनी भड़ास निकालने के लिए अपनी मां के ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल किया है। इस बार इल्तिजा के निशाने पर सीधे सुप्रीम कोर्ट है, जिसने महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट पर शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की याचिका पर फौरन सुनवाई शुरू की है। इल्तिजा ने इस बात के लिए सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की है कि उसने जम्मू-कश्मीर के मामले में इतनी ही तेजी क्यों नहीं दिखाई थी। गौरतलब है कि पीडीपी चीफ का ट्विटर हैंडल अभी इल्तिजा ही इस्तेमाल कर रही हैं।

Mehboobas daughter also jumped in political turmoil on Maharashtra, said this

सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने के खिलाफ शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की याचिका पर रविवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई है, वह इल्तिजा मुफ्ती को बहुत ही नागवार गुजरा है। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिखाई गई न्यायिक सक्रियता की आलोचना की है।

दरअसल, इल्तिजा ने इस मामले को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद और वहां के विशेषाधिकार खत्म किए जाने के बाद पैदा हुई परिस्थितियों से जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने महबूबा के ट्विटर हैंडल के जरिए लिखा है, 'सुप्रीम कोर्ट की उत्सुकता का मामला है। महाराष्ट्र में सरकार गठन की वैद्यता पर फैसले के लिए रविवार को तुरंत सुनवाई की, लेकिन जम्मू-कश्मीर के उन 80 लाख लोगों के लिए ऐसा करना जरूरी नहीं समझा, जो 5 अगस्त से ही लॉकडाउन झेल रहे हैं।'

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गौरतलब है कि सुप्रीम में जम्मू-कश्मीर से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिसमें सूचना के साधनों पर पाबंदियों समेत 5 अगस्त को हटाए गए आर्टिकल 370 और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने का मामला भी शामिल है। 24 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र से पूछा था कि जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां कितने दिन जारी रहेंगी। वैसे इतने दिनों में वहां पोस्ट पेड मोबाइल सेवा और इंटरनेट को छोड़कर बाकी अधिकतर पाबंदियां हटा ली गई हैं और राजनीतिक बंदियों की रिहाई भी होनी शुरू हो चुकी है।

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