महबूबा बोलीं- कुमारस्वामी सरकार का गिरना लोकतंत्र के लिए काला दिन
नई दिल्ली। कर्नाटक में पिछले 15 दिनों से चल रहा सियासी नाटक आज शाम खत्म हो गया। राज्य की 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार मगंलवार को सदन में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई। सरकार के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट डाले गए। कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, यह लोकतंत्र की हत्या है, चुनाव के बाद के सभी गठबंधनों की तरह यह भी एक अवसरवादी गठबंधन था। जो खंडित जनादेश से पैदा हुआ था। इसी ने एक और अवसरवादी सरकार को जन्म दिया है।

वहीं कुमारस्वामी सरकार के गिरने बाद जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि, मुंबई में कर्नाटक विधायकों को ठहरने के लिए पैसे दिए गए, कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार को कौन बचा सकता है? यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है जब एक ऐसा देश जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने का गर्व करता है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक निर्वाचित सरकार को उखड़ता देखता है।
वहीं कांग्रेस नेता एच के पाटिल ने कहा कि, हमारी पार्टी के नेताओं ने हमें धोखा दिया इसलिए हम हारे। मुझे भरोसा है कि कर्नाटक के लोग इस धोखे को नहीं सहेंगे। वहीं कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि, कर्नाटक में गठबंधन सरकार को केंद्र सरकार, राज्यपाल, राज्य सरकार और महाराष्ट्र भाजपा के नेतृत्व के नापाक संयुक्त प्रयासों से गिरा दी गई। कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, कर्नाटक में जो कांग्रेस और जेडीएस का अनैतिक रिश्ता था, वह आज टूट गया। अपवित्र गठबंधन था, वह आज ध्वस्त हो गया। लगभग एक साल तक कर्नाटक की जनता ने अलोकतांत्रिक सरकार को सहा। अंतत: लोभ एवं असत्य पराजित हुआ और लोकतंत्र तथा सत्य की जीत हुई। कर्नाटक की जनता को बधाई।
उन्होंने कहा कि, कांग्रेस-जेडीएस का जो अपवित्र गठबंधन था,वह आज ध्वस्त हो गया। सत्य के एक हल्के से झोंके से ही जनादेश के खिलाफ बना यह रेत का किला ढह गया। मैं बीएस येदुरप्पाा को बधाई देता हूं कि उन्होंने धैर्य और संयम के साथ लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और कर्नाटक को इंसाफ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई!












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