आर्टिकल-370 हटने के 46 दिन बाद अचानक ऐक्टिव हुआ महबूबा मुफ्ती का ट्विटर अकाउंट, मैसेज में ये लिखा.....
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नई दिल्ली- जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटने के बाद पहली बार पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती का ट्विटर अकाउंट ऐक्टिव हुआ है। गौरतलब है कि महबूबा पिछले 5 अगस्त से श्रीनगर के सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद हैं और उनके कहीं भी आने-जाने पर पाबंदी लगी हुई है। यही नहीं जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर समेत कई इलाकों में अभी इंटरनेट सेवा भी बाधित हैं। लेकिन, महबूबा की नजरबंदी के 46 दिन बाद उनका अकाउंट ऐक्टिव किया है, उनकी बेटी इल्तिजा ने और ने ट्विटर पर ही इसकी घोषणा भी की है कि वो अपनी मां के ट्विटर अकाउंट को संचालित कर रही हैं। अपनी मां के ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को उन्होंने लगातार दो ट्वीट्स किए हैं। अपने ट्वीट में उन्होंने कई ऐसी बातें लिखी हैं, जो उनकी मां ने उनके सामने तब रखा था, जब वह श्रीनगर के चश्माशाही गेस्ट हाउसे में उनसे मिलने गईं थीं।

महबूबा के अकाउंट से बेटी ने किया ट्वीट
पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने ट्वीट करके कहा है कि, "यह ट्विटर हैंडल जम्मू और कश्मीर की पुर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का है, जो पिछले 5 अगस्त से हिरासत में हैं, वो इस अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं। इस हैंडल को अब मैं मिसेज मुफ्ती की बेटी इल्तिजा पूरे उचित प्राधिकार के साथ संचालित कर रही हूं।" इल्तिजा, महबूबा की दो बेटियों में सबसे बड़ी हैं। इल्तिजा ने अपनी मां के ट्विटर हैंडल के प्रोफाइल में भी लिखा है कि वो पूरे प्राधिकार के साथ महबूबा का अकाउंट हैंडल कर रही हैं।

महबूबा की मैसेंजर बनीं बेटी
इल्तिजा ने इससे पहले भी एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों को अपनी मां के बारे में जानकारी मांगने की बात लिखी है। इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक लेटर भी अटैच किया है। उन्होंने ट्वीट किया है, "मैं, इल्तिजा ने भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को 18 सितंबर को ईमेल भेजा है, जिसमें मेरी मां मिसेज मुफ्ती के बारे में कुछ जानकारी मांगी गई है। मैं अभी भी जवाब का इंतजार कर रही हूं।" गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की इजाजत से वो हाल ही में अपनी मां से मिल भी चुकी हैं। 18 सितंबर को चेन्नई से लिखे खत में उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की है कि उनकी मांग को परिवार के कुछ नजदीकी सदस्यों को छोड़कर किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और उनकी मीडिया तक भी पहुंच नहीं है। इल्तिजा का दावा है कि वह न तो राजनीति में हैं और न ही उनका इससे कोई लेना-देना है, वो सिर्फ वह बयां कर रही हैं, जो मुलाकात के दौरान उनकी मां ने उन्हें बताया है। इनके अलावा इल्तिजा के जरिए महबूबा ने जो जानकारी मांगी है, उनमें हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पूरी जानकारी और उनकी वर्तमान स्थिति भी शामिल है। उन्होंने हिरासत में रखे गए नाबालिगों और महिलाओं की भी जानकारी मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नेताओं को दी थी वहां जाने की इजाजत
गौरतलब है कि पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला समेत कई नेता और कश्मीरी अलावादियों को पिछले 5 अगस्त से ही अलग-अलग जगहों पर हिरासत में रखा गया है। उसी दिन से प्रदेश में इंटरनेट,फोन और मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं। लेकिन, धीरे-धीरे काफी इलाकों में इन सेवाओं में ढील भी दी जा चुकी है। धारा-370 हटाने से लेकर वहां लगी पाबंदियों के खिलाफ कई राजनेताओं और वकीलों समेत कुछ एनजीओ सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा के अलावा सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को प्रदेश के खास इलाकों में जाने की अनुमति भी दी है, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की हिदायत के साथ।












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