'पाकिस्तानियों जैसा व्यवहार...', डोडा एनकाउंटर पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला ने भी दिखाए तेवर
जम्मू कश्मीर के डोडा में सेना का काफिले पर आतंकी हमले के बाद आतंकी नेटवर्क का सफाया करने के लिए सख्त एक्शन जारी है। इस बीच आर्मी के 4 जवानों समेत कुल पांच जवानों की शहादत की खबर से देश स्तब्ध है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और फारुख अब्दु्ल्ला केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया और पुलिस महानिदेशक को बर्खास्त करने की मांग की और उन पर कश्मीरियों के साथ "पाकिस्तानियों" जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया।

दरअसल, डोडा में पांच जवानों की शहादत की खबर है। हमला जिले के डेसा इलाके में हुआ, जिसमें सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद हो गए। आतंकियों की ओर से की गई फायरिंग में गोली लगने से एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई है। जवानों पर हमला राष्ट्रीय रायफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से चलाए जाए ऑपरेशन के दौरान हुआ।
आतंकी हमलों में जवानों की शहादत को लेकर पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा, "...पाकिस्तान से घुसपैठ हो रही है, डीजीपी क्या कर रहे हैं? क्या घुसपैठ रोकना मेरा काम है या उमर अब्दुल्ला का काम है? सीमा पर कौन है? स्थिति से किसे निपटना है? किसने पुलिस बल का सैन्यीकरण किया है? कश्मीरियों को उनके विचारों के लिए किसने अपराधी बना दिया?"
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि कश्मीर के लोगों को साथ पाकिस्तानियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। पीडीपी चीफ ने कहा, "जो सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं, उन्हें विचार व्यक्त करने इजाजत नहीं दी जा रही है और जो ऐसा करते हैं उन्हें जेल भेजा जा रहा है। सभी कश्मीरियों, विशेषकर बहुसंख्यक समुदाय को उनके (डीजीपी) द्वारा अलग-थलग कर दिया गया है। वह उनके साथ पाकिस्तानी जैसा व्यवहार कर रहे हैं... वह बंदूक की नोक से, पासपोर्ट, सत्यापन और सुरक्षा एजेंसियों को हथियार बनाकर बात कर रहे हैं।"
पीडीपी चीफ ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "ईडी, एसआईए और एसआईयू द्वारा छापे मारे जा रहे हैं। लोग कुछ भी बोल या दिखा नहीं सकते, सब कुछ उनके नियंत्रण में है। या तो हुर्रियत नेता जेल में हैं या उनका निधन हो चुका है। उत्तरी कश्मीर में लोगों ने ऐसी आवाज को चुनना पसंद किया जो आत्मनिर्णय और जनमत संग्रह के बारे में बोलती हो। डीजीपी को बर्खास्त किया जाना चाहिए।"
दरअसल, पीडीपी चीफ ने डीजीपी आरआर स्वैन को ऐसे वक्त में निशाने पर लिया, जब उन्होंने कश्मीरी नागरिक समाज में पाकिस्तान की 'सफल' घुसपैठ के लिए क्षेत्रीय दलों को दोषी ठहराया था।
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी शहीदों की शहादत पर केंद्र की एनडीए सरकार को निशाने पर लिया। पार्टी की ओर से एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डोडा मुठभेड़ पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने डोडा में मुठभेड़ में एक मेजर सहित चार भारतीय सेना के जवानों की शहादत पर संवेदनाएं व्यक्त की और केंद्र को इसके लिए जिम्मेदार बताया।












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