क्या आप इन्हें जानते हैं? अगर नहीं तो पढ़ते ही शेयर करेंगे आप!
बेंगलुरु। कर्नाटक के बेलगाम में कडोली गांव के रहने वाले लक्षमण रुकमणे हैं ये। लक्षमण पर 25 हजार रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है। इस साल भी सूखे के कारण उनकी लगायी फसल खराब हो गई। इसके बावजूद इन्होंने चेन्नई में बाढ़ पीड़ितों के लिये 5000 रुपए दान किये हैं।

73 वर्षीय लक्षमण के बारे में आगे पढ़ने के बाद आप उन्हें लक्षमण नहीं कलयुग के कर्ण कहेंगे। जी हां दानवीर कर्ण। लक्षमण एक गरीब किसान हैं और पांच साल पहले उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। तब से वे एक शांत जीवन जी रहे हैं। उनके कोई बच्चे नहीं हैं। सच पूछिए तो उन्होंने अपना जीवन समाज को समर्पित कर दिया है। अपने गांव में दान देने वालों की सूची में लक्षमण का नाम सबसे ऊपर है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने हीरो ऑफ इंडिया करार दिया।
सच में एक अच्छी पोस्ट पर विराजमान व्यक्ति के लिये भी इतना पैसा दान करना आसान नहीं होता, लक्षमण तो गरीब किसान हैं।
ये है लक्षमण की डोनेशन लिस्ट-
- हर साल अपने गांव में दसवीं के टॉपर बच्चों को 1500 रुपए देते हैं।
- चेन्नई बाढ़ पीड़ितों के लिये 5000 रुपए दान किये।
- अपने गांव के स्कूल की बिल्डिंग के निर्माण में उन्होंने 78,000 रुपए दान किये।
- नेपाल भूकंप पीड़ितों के लिये 5,000 रुपए दान किये।
लक्षमण जैसे लोग देश में बहुत कम हैं, लिहाजा अगर आज हम एक लक्षमण के बारे में सोशल मीडिया के जरिये बतायेंगे, तो शायद 100 लक्षमण पैदा होंगे। यह काम हम फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करके कर सकते हैं।












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