लद्दाख विवाद: चीनी राजदूत के बयान से विदेश मंत्रालय ने बनाई दूरी, कहा- हमारे पास जानकारी नहीं
नई दिल्ली, 29 जुलाई: लद्दाख में पिछले एक साल से भारत और चीन के बीच विवाद जारी है। इस बीच दोनों देशों में सैन्य कमांडर लेवल की कई बैठकें हुईं, लेकिन अभी तक मामले का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। हाल ही में भारत में चीन के राजदूत सुन वेईदोंग ने लद्दाख को लेकर एक नया दावा किया। जिसके बाद से लद्दाख विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीनी राजदूत के दावों से दूरी बना ली है।

दरअसल सुन वेईदोंग ने बुधवार को कहा था कि भारतीय और चीनी सेना गलवान घाटी और पेंगोंग झील के पास स्थित विवादित इलाकों से पीछे हट रही है। ये दावा इस वजह से भी चौंकाने वाला था, क्योंकि पिछले कई दिनों से भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया था। गुरुवार को जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची जब मीडिया से रूबरू हुए, तो उनसे इस मामले पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि हम डिसइंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन के संबंध में अपनी स्थिति दोहरा रहे हैं। अभी तक उन्हें इस मामले में कोई अपडेट नहीं मिला है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कमांडर स्तर की वार्ता के अगले दौर के बारे में जानकारी आपके साथ साझा की है। दोनों जल्द ही इस करवाने पर सहमत हुए हैं।
वहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चुनाव करवाने पर उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास भारतीय क्षेत्र में पाकिस्तान के अवैध कब्जे को छिपा नहीं सकते हैं। इसके जरिए पाक अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध भी दर्ज करवाया है। उन्होंने साफ किया कि पीओके पर पाकिस्तान का कोई भी अधिकार नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications