यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर चिंतित सरकार, सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह: विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 05 मार्च। 'ऑपरेशन गंगा' के तहत रूस और यूक्रेन संकट में फंसे भारतीय छात्रों को स्वदेश लाने का काम जारी है। अब तक हजारों से भारतीय छात्रों और प्रवासियों के यूक्रेन से भारत लाया जा चुका है। इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हुए शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि यूक्रेन के सूमी में भारतीय छात्रों को लेकर भारत सरकार बेहद चिंतित है। सभी भारतीय छात्रों को यूक्रेन में सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है।

अपनी ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय की तरफ से अरिंदम बागची ने कहा, 'हम यूक्रेन के सूमी में भारतीय छात्रों को लेकर बहुत चिंतित हैं। हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के लिए तत्काल युद्धविराम के लिए कई चैनलों के माध्यम से रूस और यूक्रेन की सरकारों पर जोरदार दबाव डाला जा रहा है।' उन्होंने बताया, 'हमने सभी भारतीय छात्रों को यूक्रेन में सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। सभी छात्र किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अनावश्यक जोखिम ना उठाएं। विदेश मंत्रालय और हमारे दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में हैं।'
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वहीं दूसरी ओर 'ऑपरेशन गंगा' के तहत भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने के लिए अभियान में जुटे केंद्रीय मंत्री उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को ट्वीट कर बताया कि बीते एक सप्ताह में 6 हजार से अधिक छात्र भारत लौटे हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'रोमानिया और मोल्दोवा से पिछले 7 दिनों में 6,222 भारतीयों को निकाला गया। छात्रों को बुखारेस्ट (सीमा से 500 किमी) के बजाय सुसेवा (सीमा से 50 किमी) में उड़ानें संचालित करने के लिए लाया गया। अगले 2 दिनों में 1,050 छात्रों को निकाला जाएगा।'












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