ओडिशा ने केंद्र से की खाद्य तेल के आयात शुल्क में कटौती की मांग, रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़ी कीमतें
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री रणेंद्र प्रताप स्वैन ने शुक्रवार को केंद्र से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए खाद्य तेल के आयात शुल्क में कटौती की मांंग की है।
भुवनेश्वर, 5 मार्च। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बाद राज्य में खाद्य तेल की कीमतों में लगभग 10% की वृद्धि के साथ, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री रणेंद्र प्रताप स्वैन ने शुक्रवार को केंद्र से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए आयात शुल्क और अन्य शुल्कों में अस्थायी रूप से कटौती करने का आग्रह किया।

बता दें कि भारत की खाद्य तेल की मांग ज्यादातर यूक्रेन और रूस के साथ आयात के माध्यम से पूरी की जाती है, इस तेल में 80 प्रतिशत तेल सूरजमुखी का होता है। रणेंद्र प्रताप स्वैन ने ट्विटर के माध्यम से कहा कि जिला कलेक्टरों और नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और खाद्य तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से कई देश प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं, जबकि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। इस बात की संभावना है कि देश में खाद्य तेल, खासकर सूरजमुखी के तेल की कीमत में बेवजह बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर बाजार में पहले से ही महसूस किया जा रहा है। स्रोत के अनुसार ओडिशा को हर दिन लगभग 1,500-1,700 टन खाद्य तेल की आवश्यकता होती है और यह पूरी आवश्यकता आयात के माध्यम से ही पूरी की जाती है, क्योंकि राज्य में खाद्य तेल का उत्पादन नहीं होता।












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